हरियाणा के भिवानी के बहल क्षेत्र के गांव हरियावास में रविवार दोपहर बाद एक व्यक्ति ने मासूम बेटे को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली। सात साल के मयंक ने अस्पताल जाते समय दम तोड़ दिया, वहीं उसके पिता संदीप को भी डॉक्टर बचा नहीं पाए। वारदात के पीछे की वजह घरेलू कलह बताई जा रही है। डीएसपी लोहारू अरविंद दहिया ने कहा कि घटना की तह में जाने के लिए पुलिस की छानबीन जारी है। फिलहाल कुछ कहने को नहीं है।
भिवानी के गांव हरियावास निवासी संदीप (35) खेतीबाड़ी का काम करता था। कई दिन से घर में किसी बात को लेकर कलह चल रही थी। रविवार दोपहर बाद भी उसका घर में झगड़ा हो गया। इसके बाद उसने खौफनाक कदम उठा लिया। वह अपने सात साल के बेटे मयंक को लेकर खेत में गया। कुछ देर बाद परिजनों को सूचना मिली कि संदीप ने गोली मार ली है। परिजन दौड़ कर खेत में पहुंचे। वहां मयंक और उसके पिता दोनों के सिर से खून बह रहा था। पास में पिस्तौल पड़ी थी।
परिजन मयंक और उसके पिता संदीप को लेकर हिसार के एक निजी अस्पताल में पहुंचे। इससे पहले रास्ते मे ही मयंक की मौत हो गई। डॉक्टरों ने मयंक को मृत घोषित कर दिया। संदीप की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया ही था कि उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि संदीप अपने इकलौते बेटे मयंक से बहुत प्यार करता था। कभी भी उसे अकेला नहीं छोड़ता था। उसने किन हालातों में यह कदम उठाया, इसको लेकर कोई बोलने को तैयार नहीं है।
हरियावास में गोली चलने की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की। थाना प्रभारी संदीप शर्मा ने बताया कि मौके पर पड़ी पिस्टल को कब्जे में लिया। परिजनों से वारदात को लेकर जानकारी ली। फिलहाल पुलिस का कहना है कि संदीप ने घरेलू कलह के चलते दुखी होकर पहले गोली मार कर इकलौते बेटे की हत्या कर दी और फिर आत्महत्या के इरादे से खुद को भी गोली मार ली। पुलिस पिस्टल को लेकर जानकारी जुटा रही है। आधिकारिक बयान दर्ज होने के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठेगा।
पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया है। सोमवार सुबह परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के बाद वारिसों को सौंप दिया जाएगा। बाप बेटे की मौत से परिवार में मातम है। घटना से हर कोई स्तब्ध है।
