हरियाणा के सोनीपत में 12 वर्षीय बच्चे की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। वह दोस्तों के साथ पूल में नहाने गया था। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय कई लोग स्विमिंग पूल में मौजूद थे, लेकिन किसी का भी ध्यान उसकी तरफ नहीं गया। मगर, जब उसकी तरफ ध्यान गया, तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। हालांकि लोगों ने उसे सीपीआर देकर बचाने की भी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्चा डूबता नजर आ रहा है। उधर, सूचना मिलते ही पुलिस और बच्चे के परिजन मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि जब यूपी के इटावा के रहने वाले परिजनों ने स्विमिंग पूल संचालक से जानकारी की तो वह 40 हजार रुपए का ऑफर देने लगा। इससे परिजन नाराज हो गए। यह भी आरोप है कि इसकी सोनीपत पुलिस को शिकायत देनी चाही तो उन्होंने भी लेने से इनकार कर दिया।

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान अरमान (12) पुत्र चांद के रूप में है। उसका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा का रहने वाला था। वर्तमान में प्याऊ मनिहारी, सोनीपत रह रहा है। उसके पिता चांद सब्जी का ठेला लगा हैं। परिवार का हाथ बंटाने के लिए अरमान पढ़ाई के साथ-साथ एक साइकिल की दुकान पर काम भी सीखता था। रोज की तरह काम खत्म होने के बाद अरमान अपने दोस्तों के साथ पास के स्विमिंग पूल में नहाने चला गया।

मृतक के पिता के मुताबिक उसकी चार लड़कियां है, अरमान पांचवे नंबर का था, जबकि एक बेटा उससे छोटा है। अरमान को साइकिल ठीक करने काम सीखने के साथ-साथ 30 से 40 रुपए रोज के मिल जाते थे। उसने कई दिन तक धीरे-धीरे 180 रुपए इकट्ठे किए। इसके बाद ही वह स्विमिंग पुल गया था। यहां उसने तैरने के लिए किराए के तौर पर 100 रूपए दिए थे।

पिता चांद के मुताबिक, स्विमिंग पूल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली है। इसमें साफ दिखाई दे रहा है कि अरमान ने पूल में छलांग लगाई, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह डूबने लगा। आसपास मौजूद लोग उस वक्त उसकी तरफ ध्यान ही नहीं दे पाए। जब वह पानी में बेसुध पड़ा हुआ दिखा, तब जाकर लोगों को एहसास हुआ और फिर उसे बाहर निकाला गया, तुरंत सोनीपत के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पिता ने आगे बताया कि बेटे को जब अस्पताल लाया गया, तब उन्हें सूचना दी गई।

अरमान के साथ तैरने गए एक युवक के मुताबिक गांव नाहरा-नाहरी में आमने-सामने दो स्विमिंग पूल है। एक प्राइवेट स्विमिंग पूल है, जहां नहाने के लिए एक शख्स से 100 रूपए किराए के लिए जाते हैं। यह स्विमिंग पूल करीबन 8 से 10 फुट गहरा है। वहां पर जब तैराकी करते हैं तो कोई भी प्रशिक्षक नहीं होता। उसका कहना है कि यदि मौके पर प्रशिक्षक होता तो अरमान को बचाया जा सकता था। यह एक बड़ी लापरवाही है, जिसकी वजह से यह बड़ा हादसा हो गया।

किशोर की मां शाहीन से मिली जानकारी के अनुसार जब उनके बच्चे की मौत की जानकारी उन्हें दी गई तो वह मौके पर पहुंचे। इस दौरान स्विमिंग पूल मालिक उन्हें 40 हजार देने की बात कर रहा था। इस पर उन्होंने कहा कि हमारा बेटा चला गया और आप उसकी मौत की कीमत लगा रहे हो, हमें कोई पैसा नहीं चाहिए।

महिला शाहीन का कहना है कि बेटे की मौत के बाद कुंडली थाना में गए थे और वहां पर अपनी स्विमिंग पूल मलिक के खिलाफ लापरवाही की शिकायत लिखवाना चाहते थे। लेकिन पुलिस ने शिकायत लिखने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन अपने बेटे का पोस्टमॉर्टम करवा कर इटावा चले गए।

सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि हादसा कैसे हुआ, किस वजह से हुआ, कौन इसके लिए जिम्मेदार है, इसकी जांच की जा रही है। एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।

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