रोहतक में आज यानी सोमवार को डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रस्तावित जियो-फेंसिंग अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम के विरोध में काली पट्टी बांधकर काम किया। घटना महम सिविल अस्पताल की है। यह विरोध प्रदर्शन अस्पताल के एसएमओ डॉ. विकास बलयान के नेतृत्व में हुआ।

प्रदर्शन में अस्पताल के सभी विभागों के कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाई। इसमें डॉ. रिम्पी, डॉ. जय संत, डॉ. कनक और डॉ. विवेक गुप्ता सहित सभी डॉक्टर शामिल थे। हेल्थ इंस्पेक्टर सुनील कुमार अहलावत, ब्लॉक एजुकेटर सत्यवान और सभी एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी भी मौजूद थे।

नर्सिंग स्टाफ की ओर से सीनियर नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती ज्योति मेहता के साथ नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती सीमा, श्रीमती सरोज और श्रीमती ज्योति मॉर्निंग ने भी विरोध में हिस्सा लिया। अस्पताल के लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट, एचकेआरएन और एनएचएम कर्मचारी भी इस विरोध से जुड़े।

प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर काम किया। विरोध के बावजूद, कर्मचारियों ने अस्पताल के दैनिक कार्यों को बाधित नहीं किया। मरीजों को दी जाने वाली सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं। जियो-फेंसिंग अटेंडेंस सिस्टम एक ऐसी तकनीक है, जो कर्मचारियों की उपस्थिति को कार्यस्थल के एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र के भीतर ट्रैक करती है।

विरोध कर रहे कर्मचारियों का मानना है कि यह प्रणाली उनकी स्वायत्तता में बाधा डाल सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए यह व्यावहारिक चुनौतियां पैदा कर सकती है। खासकर तब जब उन्हें फील्ड वर्क के लिए बाहर जाना पड़ता है।

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