रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने संसद में स्टूडेंट प्रोटेस्ट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और जेन-जी ने साबित कर दिया कि लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी ताकत है। उनके हाथ में पत्थर नहीं, बल्कि संविधान और मोबाइल फोन थे। उन्होंने रील बनाई, मीम बनाए और गाने गाकर अपनी बात रखी
दीपेंद्र ने कहा कि युवाओं की जुबान पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह का ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा था। जब वो आपसे टकराते थे तो नारा देते थे ‘वास्ते गुना हुइयां’। अगर इसका मतलब नहीं पता तो घर जाकर गूगल कर लेना। युवा इतने प्यार से इस्तीफा मांग रहे थे, “कुचु पुचु, इस्तीफा दे दो, आज हमारा जन्मदिन है।”
दीपेंद्र की यह बात सुनकर सदन में मौजूद कांग्रेस और विपक्ष के सांसद हंसने लगे।
‘वास्ते गुना हुइयां’ का कोई वास्तविक शब्द या तय अर्थ नहीं है। इसकी शुरुआत कई साल पहले सोशल मीडिया एप वाइन पर वायरल हुए एक वीडियो से हुई थी, जिसमें एक लड़का जोर से “Can I get a Hoya?” बोलता है। उसके बोलने का अंदाज ऐसा था कि कई लोगों को यह ‘वास्ते गुना हुइयां’ जैसा सुनाई दिया। इसके बाद यह क्लिप तेजी से वायरल हो गई और लोग इसे मजाकिया अंदाज में दोहराने लगे।
धीरे-धीरे इस पर मीम्स और रील बनने लगीं। आज सोशल मीडिया पर ‘वास्ते गुना हुइयां’ का इस्तेमाल किसी खास मतलब के लिए नहीं, बल्कि केवल ट्रेंड, मीम और मनोरंजन के लिए एक वायरल एक्सप्रेशन के तौर पर किया जाता है।
कुचु पुचु’ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक मजाकिया ऑडियो ट्रेंड है। इसकी सबसे चर्चित लाइन है, “कुचु पुचु, तुम कहां हो? मुझे अच्छा नहीं लग रहा तुम्हारे बिना।” इस ऑडियो का किसी फिल्म, गाने या आधिकारिक डायलॉग से संबंध नहीं है। लोग इसे फनी, ओवर-ड्रामेटिक और प्यारे अंदाज में रील्स, मीम्स और शॉर्ट वीडियो में इस्तेमाल कर रहे हैं। समय के साथ यह इंटरनेट पर एक वायरल एक्सप्रेशन बन गया, जिसे अलग-अलग सिचुएशन के हिसाब से एडिट करके शेयर किया जा रहा है।

