हरियाणा के पानीपत जिले के इसराना में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के आरोप में ट्रेजरी विभाग से जुड़े एक डेटा एंट्री ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर रिटायर्ड हेल्थ इंस्पेक्टर की पेंशन चालू करवाने और रिटायरमेंट के सरकारी लाभ जारी करवाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। ACB की पांच सदस्यीय टीम ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी को 20 हजार रुपए लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।
पहले मांगे ₹30 हजार, फिर ₹20 हजार में तय हुई रकम
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुरेंद्र के रूप में हुई है। वह हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से डेटा एंट्री ऑपरेटर के तौर पर कार्यरत था।
शिकायतकर्ता धर्मपाल शर्मा इसराना के निवासी हैं और स्वास्थ्य विभाग में हेल्थ इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हुए थे। उनके अनुसार, रिटायरमेंट के बाद पेंशन चालू करवाने और अन्य बकाया सरकारी लाभ हासिल करने के लिए वह 8 अक्टूबर से संबंधित कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे।
आरोप है कि इसी दौरान सुरेंद्र ने उनका काम करवाने के बदले पहले 30 हजार रुपए की मांग की। बाद में 20 हजार रुपए में काम करने की बात तय हुई। इसके बाद धर्मपाल शर्मा ने ACB से शिकायत कर दी।
शिकायत मिलते ही ACB ने बिछाया जाल
शिकायत के आधार पर ACB ने कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार को पांच सदस्यीय टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को निर्धारित राशि के साथ आरोपी के पास भेजा। जैसे ही आरोपी ने 20 हजार रुपए लिए, टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया।
ACB आरोपी से पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
₹50 से ₹60 लाख के रिटायरमेंट लाभ मिलने थे
शिकायतकर्ता धर्मपाल शर्मा के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद उन्हें पेंशन और अन्य सरकारी लाभों के रूप में करीब 50 से 60 लाख रुपए मिलने थे। इन्हीं लाभों को जारी करवाने के लिए वह संबंधित कार्यालय में संपर्क कर रहे थे।
ACB जींद के इंस्पेक्टर एवं इंचार्ज महेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को 20 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।
नोट: रिश्वत मांगने से जुड़े आरोप शिकायत और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। मामले में आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जानी है।

