दुनिया कहीं भी पहुंच जाए लेकिन कुछ लोगों की मानसिकता कभी नहीं बदलेगी। आज भी हमारे समाज में बहुत से लोगो की सोच वही पुरानी ही है। तमिलनाडु के कोयंबटूर में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, यहां 8वीं की छात्रा को मासिक धर्म के कारण क्लास से बाहर निकाल दिया गया, उसे बाहर बैठकर ही परीक्षा देनी पड़ी।

यह घटना सेंगुट्टई के एक निजी स्कूल में हुई, जिसकी एक वीडियो भी वायरल हो रही है।  वीडियो में बच्ची की मां दौड़कर उसके पास जाती है और पूछती है कि क्या हुआ। छात्रा अपनी मां से कहती है कि प्रिंसिपल ने ही उसे बाहर बैठाया था। ऐसे में मां ने सवाल किया है कि क्या सिर्फ पीरियड्स होने पर बच्ची को क्लास से बाहर बैठाना ठीक है? इस घटना ने हर बच्ची के मां- बाप की चिंता बढ़ा दी है।

याद हो कि कुछ महीने पहले  उत्तर प्रदेश के एक गर्ल्स स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा को  परीक्षा देते समय सैनिटरी नैपकिन मांगने पर क्लास से बाहर खड़ा कर दिया गया था। उसे लगभग एक घंटे तक बाहर खड़े रहने के लिए मजबूर किया गया था। इसके बाद बच्ची के पिता ने महिला कल्याण विभाग, राज्य महिला आयोग, जिला मजिस्ट्रेट और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) के समक्ष औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई थी।

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