महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका सैनी ने बताया कि पोषण पखवाड़ा का 7वां संस्करण 08 से 22 अप्रैल तक उपायुक्त धीरेंद्र खडग़टा की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा है। पोषण अभियान का उद्येश्य प्रोद्योगिकी और परम्परा के मिश्रण से बच्चों और महिलाओं के बीच स्वस्थ और पौष्टिक आहार को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि पोषण पखवाड़ा 2025 में बच्चे के जीवन के पहले 1,000 दिनों पर केन्द्रित है, क्योंकि यह बाल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि है। जिला के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 0-6 वर्ष के बच्चों के लिए वजन दिवस का आयोजन किया जायेगा। मातृत्व पोषण तथा स्तनपान हेतु जागरुकता अभियान चलाया जायेगा। शून्य से 2 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण हेतु विशेष तौर पर घर-घर जाकर किया जाएगा। जन समुदाय के अंदर पोषण ट्रैकर के प्रति जागरूकता फैलाई जायेगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों व माताओं के लिए पौष्टिक थाली प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा तथा गर्भवती व धातृ महिलाओं को पोषक तत्वों के बारे में जानकारी प्रदान की जायेगी।
दीपिका सैनी ने बताया कि पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत ग्राम सभाओं का आयोजन किया जायेगा, जिसके अंतर्गत मातृ व शिशु पोषण लाभार्थियों के लिए स्वयं डिजिटल पंजीकरण करने की जानकारी भी दी जायेगी। अति कुपोषित बच्चों के लिए मातृ बैठकों का आयोजन किया जायेगा, जिसमें उनके खान-पान का ध्यान रखने हेतु जानकारी दी जायेगी। इस आयोजन में पुरुषों को भी सम्मिलित किया जायेगा। यह सिर्फ एक जागरुकता अभियान नहीं है-यह पोषण अभियान एक माँ और बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए भोजन में बदलाव करके अच्छे जीवन का निर्माण करना है।
