कैथल में डेरे को बच्चा दान करने वाले दंपति की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बाल संरक्षण समिति ने दान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दंपति को तलब किया है।

समिति ने कहा है कि ऐसे बिना नियम पूरे किए गए कोई भी बच्चा किसी को दान या गोद नहीं दे सकता। यह अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए दान प्रक्रिया का पूरा होना बेहद जरूरी है।

कैथल जिले के बाबा राजपुरी डेरे में अंबाला के रहने वाले दंपत्ति ने 28 अक्टूबर को बच्चा दान दिया। डेरे के महंत हीरापुरी ने बताया कि बच्चे को दंपत्ति ने इच्छा से बाबा की गद्दी को चढ़ाया है। विरोधी डेरे को बदनाम करने के लिए अफवाह फैला रहे हैं। बच्चे को रखने की जो भी कानूनी प्रक्रिया होगी डेरा वह पूरी करेगा।

डेरे को बेटा देने वाले पिता संजय चौहान ने बताया कि उन्होंने अपनी मर्जी से बेटे का दान किया है। हमने पहले ही यह बात तय कर दी थी। बच्चा बाद में बड़ा होकर नहीं जाता, इसलिए अभी दे दिया है। बाबा का उनके ऊपर कोई दबाव नहीं है। संजय ने कहा कि बाबा की कृपा रही तो आगे और भी बच्चे होते रहेंगे।

इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने के बाद कैथल पुलिस जांच कर रही है। पुलिस बाबा राजपुरी के डेरे में लगे CCTV कैमरे की फुटेज की जांच कर रही है। हालांकि अभी कैथल जिले के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी जिले की बाल संरक्षण समिति मामले की जांच कर रही है।

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