डीसी यशपाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर कोई विभाग राइट टू सर्विस अधिनियम के जरिए अनुसूचित सेवाओं को निर्धारित समय के बाद उपलब्ध कराएगा तो ऐसे मामलों को लिखित रूप में हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के संज्ञान में लाया जाएगा। वे सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में ऑफिसर बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सेवा का अधिकार अधिनियम के जरिए विभिन्न विभागों की सेवाओं को अधिसूचित किया है।
ऐसी सभी सेवाएं आवेदनकर्ता को तय समय में करवाना अनिवार्य है। जो विभाग समय के बाद सेवाएं उपलब्ध करवाते हैं तो आटो अपील सिस्टम के माध्यम से उनका पता लग जाता है। ऐसे मामलों में आयोग स्वत: संज्ञान ले सकता है। देरी से सेवाएं उपलब्ध करवाने के मामले को कतई सहन नहीं किया जाएगा। वह इसमें कार्रवाई करने में देरी नहीं लगाएंगे।
डीसी ने जिला सूचना अधिकारी को निर्देश दिए कि मार्च माह में ऐसे सभी विभागों का विवरण तैयार किया जाए। जो तय समय में सेवाएं उपलब्ध करवाने में विफल रहते हैं।
बैठक में एडीसी महेंद्र पाल, एसडीएम राकेश कुमार सैनी, महम एसडीएम दलबीर सिंह फौगाट, सांपला एसडीएम सुभाष चंद्र जून, रोडवेज जीएम भारत भूषण गोगिया, नगराधीश मोहित महाराना, सिंचाई विभाग एसई दिनेश राठी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसई राजीव गुप्ता, बिजली निगम के एसई अशोक यादव, डीएफओ, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, डीआईओ डॉ. जितेंद्र मलिक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र शर्मा, रोहतक के तहसीलदार मनोज कुमार व सांपला के तहसीलदार गुलाब सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
