रोहतक में रेलवे स्टेशन से वैश्य शिक्षण संस्था काे जाने वाला पैदल पुल का रास्ता कई दिन से बंद है। इसके चलते संस्था में आने जाने वाले स्टूडेंट्स, शिक्षकों व कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में संस्था के प्रधान नवीन जैन ने प्रधानमंत्री, रेल मंत्रालय, डिविजनल रेलवे मैनेजर व डीसी काे लिखित में शिकायत भेजकर रास्ता जल्द खुलवाने की मांग की है। वैश्य शिक्षण संस्था के प्रधान नवीन जैन ने शिकायत में बताया कि वैश्य शिक्षण संस्था में वर्तमान में 12 संस्थाएं संचालित है, जिसमें से 10 संस्थाएं रेलवे स्टेशन के पीछे सोसायटी के मुख्य परिसर में हैं।
इन संस्थाओं में वैश्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, वैश्य काॅलेज ऑफ इंजीनियरिंग, वैश्य कालेज ऑफ लॉ, वैश्य तकनीकी संस्थान, वैश्य काॅलेज ऑफ एजुकेशन, वैश्य काॅलेज, वैश्य पब्लिक स्कूल, प्राचार्य, वैश्य इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, एमजीएम अस्पताल व फिजियो सेंटर, सोसायटी के मुख्य परिसर में है। वर्तमान में लगभग 1000 कर्मचारी व 15000 विद्यार्थी इन संस्थाओं में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अधिकांश विद्यार्थी व कर्मचारी आवागमन के लिए रेलवे स्टेशन का पैदल पुल प्रयोग करते हैं।

वैश्य शिक्षण संस्था के प्रधान के अनुसार, अचानक कुछ दिन से रेलवे का पैदल पुल जोकि मेन शहर से वैश्य काॅलेज व जनता काॅलोनी आने-जाने के लिए प्रयोग किया जाता है, बंद कर दिया है। देखने में आया कि निर्माण कार्यों के लिए पुल बंद किया गया था, लेकिन ठेकेदार व विभाग की ओर से पिछले 10 दिन से कोई कार्य भी नहीं किया जा रहा है। बंद पड़े निर्माण कार्य की वजह से लम्बे समय तक पुल को बंद किया जाना आम नागरिक के हित के खिलाफ है।
रेलवे की ओर से यह आम नागरिक की सुविधा के लिए शहर में आने-जाने के लिए पुल व रास्ता बनाया गया है। निश्चित समय सीमा के अन्दर कार्य पूरा करके चालू किया जाना चाहिए। आम नागरिक व विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। साथ ही अनुरोध किया कि रेलवे पैदल पुल जोकि वैश्य काॅलेज, जनता काॅलोनी को शहर से जोड़ता है व आवागमन के लिए प्रयोग होता को शीघ्र चालू करवाने का कष्ट करें।
