उत्तर प्रदेश के जालौन में हरियाणा के जींद निवासी कारोबारी विजेंद्र मोर हत्याकांड की पुलिस ने गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि करोड़ों रुपये की जमीन के लालच में कारोबारी का अपहरण कर उसकी हत्या की गई। इसके बाद पहचान मिटाने के लिए शव को जंगल में ले जाकर जला दिया गया।
पुलिस ने मामले में 50-50 हजार रुपये के इनामी दंपती मोहित मलिक और सपना रानी को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर हमीरपुर के जलालपुर थाना क्षेत्र के कुपरा जंगल से कारोबारी की अधजली हड्डियां बरामद की गई हैं।
4 मई को ट्यूबवेल से किया गया था अपहरण
पुलिस के मुताबिक, 4 मई 2026 की सुबह जींद निवासी 52 वर्षीय विजेंद्र मोर जालौन के रिनिया गांव स्थित अपने ट्यूबवेल पर थे। इसी दौरान क्रेटा कार में सवार कुछ लोग वहां पहुंचे और उनका अपहरण कर लिया।
आरोप है कि अपहरण के बाद विजेंद्र की हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को पड़ोसी जिले हमीरपुर के जलालपुर थाना क्षेत्र के कुपरा जंगल में ले जाया गया। पहचान मिटाने के लिए शव पर करीब 40 लीटर डीजल डालकर उसे जला दिया गया।
आरोपियों की तलाश में निकली पुलिस टीम भी हुई हादसे का शिकार
विजेंद्र के लापता होने के अगले दिन उनके मौसेरे भाई अमरीक निवासी संगरूर, पंजाब ने उरई कोतवाली में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस आरोपियों की तलाश में हरियाणा के जींद जा रही थी। इसी दौरान नूंह के तावड़ू क्षेत्र में पुलिस की गाड़ी हादसे का शिकार हो गई।
इस हादसे में उरई के तत्कालीन चौकी इंचार्ज मोहित यादव, दरोगा सत्यभान सिंह, सिपाही अशोक और प्रदीप की मौत हो गई। हादसे में शिकायतकर्ता अमरीक की भी जान चली गई।
इसके बावजूद पुलिस ने जांच जारी रखी।
CCTV से सामने आई साजिश की कड़ी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात की तैयारी पहले से की गई थी। पुलिस के मुताबिक, हत्या से करीब 15 दिन पहले आरोपी मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी रिनिया फाटक के पास पहुंचे थे।
आरोप है कि दोनों ने इलाके की रेकी की थी। इसके बाद छह लोगों ने मिलकर अपहरण और हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मोहित और सपना को जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र स्थित चितैला फार्म हाउस से गिरफ्तार किया।
5 साल तक विजेंद्र के साथ लिव-इन में रही थी सपना
पुलिस जांच में सामने आया कि सपना रानी की पहली शादी वीरेंद्र नाम के युवक से हुई थी। वर्ष 2021 में पति की मौत के बाद उसकी मुलाकात जींद निवासी कारोबारी विजेंद्र मोर से हुई।
पुलिस के अनुसार, दोनों करीब पांच साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे। बाद में सपना ने विजेंद्र से दूरी बना ली और मोहित मलिक से शादी कर ली।
सट्टे के कारोबार से जमीन खरीदने का भी दावा
पुलिस के मुताबिक, सपना हरियाणा में मटका-सट्टे का कारोबार करती थी। मोहित से शादी के बाद दोनों कथित तौर पर इस कारोबार में साथ हो गए। पुलिस का दावा है कि इसी कमाई से दोनों ने जालौन के कदौरा क्षेत्र में जमीन भी खरीदी।
जांच के अनुसार, विजेंद्र सपना पर दोबारा उसके साथ रहने का दबाव बना रहा था। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
5 करोड़ की जमीन का सौदा बना हत्या की बड़ी वजह
जालौन के एसपी विनय कुमार सिंह के अनुसार, विजेंद्र मोर का हरियाणा निवासी आजाद सरपंच के साथ करीब 5 करोड़ रुपये की जमीन के सौदे को लेकर विवाद था।
पुलिस का दावा है कि जमीन की पूरी रकम का भुगतान नहीं हुआ था। करीब 4 करोड़ रुपये बचाने के लालच में आजाद सरपंच ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, इसी साजिश में मोहित और सपना भी शामिल हो गए।
दो आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
झांसी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक की ओर से इस मामले में मुख्य आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस ने अब मोहित मलिक और सपना रानी को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर कारोबारी की अधजली हड्डियां भी बरामद की गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए हरियाणा समेत कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
एसपी विनय कुमार सिंह ने कहा कि साजिश में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए अभियान जारी है।
