रोहतक में बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने आईपीएस वाई पूरन कुमार के परिवार को न्याय दिलाने व दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद डीडीपीओ राजपाल चहल के माध्यम से सीएम नायब सैनी व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश सचिव विनय बोहत के मुताबिक एडीजीपी वाई पूरन कुमार जातीय द्वेष का शिकार हुए है, जिसके चलते उन्हें अपनी जान तक गंवानी पड़ी। सीनियर आईपीएस अधिकारी, जिसकी पत्नी सीनियर आईएएस हैं, अगर उसे भी प्रताड़ना सहन करते हुए सुसाइड करने की नौबत आई तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि वाई पूरन कुमार ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया का नाम अपने सुसाइड नोट में लिया है। जिनके खिलाफ तुरंत एक्शन होना चाहिए। दोनों को पद से हटाते हुए गिरफ्तार करना चाहिए। इसी के चलते विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
विनय बोहत ने कहा कि चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने का काम किया गया, जो शर्मसार करने वाला है। एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर जूता फेंकना कहां तक सही है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
विनय बोहत के मुताबिक आज डीडीपीओ के माध्यम से सीएम व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। साथ ही 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर 10 दिन में कार्रवाई नहीं की गई तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी।
