झज्जर। करीब आठ साल पहले पैरोल के दौरान जेल से फरार होकर कंबोडिया पहुंचने और वहां से प्रत्यर्पित किए गए आजीवन कारावास के दोषी मैनपाल ढिल्ला बुधवार, 24 सितंबर को अपनी कंबोडियाई पत्नी मेटा चान के साथ हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह बंधन में बंधेंगे।
हत्या सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे मैनपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश जसजीत सिंह बेदी की अदालत से 12 घंटे की कस्टडी पैरोल मिली है।
जेल अधीक्षक सेवा सिंह के अनुसार मैनपाल को सामान्य पैरोल की तरह स्वतंत्र रूप से नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि वह पूरे समय पुलिस और जेल कर्मियों की कड़ी कस्टडी व सुरक्षा घेरे में रहेगा। तयशुदा कार्यक्रम के तहत उसे सुबह आठ बजे जेल से बाहर लाया जाएगा और रात आठ बजे तक वापस जेल पहुंचाना होगा।
इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सामने आए शादी के कार्ड के मुताबिक, मैनपाल ढिल्ला का विवाह झज्जर-गुरुग्राम रोड स्थित फार्म में आयोजित किया जा रहा है।
विवाह समारोह में शामिल होने के लिए कंबोडियाई महिला मेटा चान अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों के साथ पहले ही झज्जर पहुंच चुकी हैं। दुलीना फार्म हाउस पर विवाह की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
वर्षों की फरारी और कानूनी कार्रवाई के बाद अब मैनपाल अपनी कंबोडियाई पत्नी के साथ वैवाहिक रस्में पूरी करेंगे। हालांकि, स्थानीय स्तर पर कोई भी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बादली गांव निवासी मैनपाल जुलाई 2018 को हिसार सेंट्रल जेल से छह सप्ताह की पैरोल पर बाहर आया था, लेकिन तय समय पर वापस न लौटकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे विदेश भाग गया था। वह कंबोडिया के सिएमरीप शहर में नई पहचान के साथ रहकर कारोबार कर रहा था।
वहीं पर उसकी मुलाकात स्थानीय युवती मेटा चान से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने संबंध बनाए और कंबोडिया में परिवार बसाया। भारत सरकार और हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने 2024 को इंटरपोल के माध्यम से रेड कार्नर नोटिस जारी करवाया था। इसके बाद कंबोडियाई अधिकारियों के सहयोग से जुलाई 2025 को उसकी गिरफ्तारी हुई और सितंबर 2025 में उसे भारत लाया गया था।

