हरियाणा की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल को लेकर उठा विवाद अब शांत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा और पार्टी नेता कुलदीप बिश्नोई के बीच बयानबाजी से पैदा हुए विवाद पर फिलहाल पार्टी ने नरमी का रुख अपनाया है।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के हस्तक्षेप के बाद भाजपा ने कुलदीप बिश्नोई को नोटिस जारी करने का फैसला टाल दिया है। पार्टी अब मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने में जुटी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कहा कि कुलदीप बिश्नोई फिलहाल विदेश में हैं। उनके लौटने के बाद पूरे मामले पर चर्चा की जाएगी, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
दरअसल, 24 अप्रैल को पंचकूला में एक जनसभा के दौरान रेखा शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल को लेकर विवादित बयान दिया था। इस बयान पर कुलदीप बिश्नोई ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए वीडियो जारी किया और इसे भजनलाल का अपमान बताया। उन्होंने रेखा शर्मा से माफी की मांग की और पार्टी नेतृत्व पर भी सवाल उठाए।
इससे पहले 3 मई को अंबाला में मोहनलाल बड़ौली ने संकेत दिए थे कि कुलदीप बिश्नोई को नोटिस जारी किया जा सकता है। हालांकि अब पार्टी का रुख बदल गया है और सख्त कार्रवाई की बजाय सुलह का रास्ता अपनाया जा रहा है।
दो दिन पहले सोनीपत में मीडिया से बातचीत में मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि रेखा शर्मा का बयान व्यक्तिगत था और पार्टी का उससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुलदीप बिश्नोई से बातचीत जारी है और जल्द ही विवाद का समाधान निकाल लिया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी इस विवाद को लंबा नहीं खींचना चाहती और अंदरूनी मतभेदों को समय रहते सुलझाने की कोशिश कर रही है, ताकि संगठन पर इसका असर न पड़े।
