हरियाणा के हांसी में भाखड़ा के पानी को लेकर विवाद एक बार फिर भड़क गया। सोमवार देर रात चैनत गांव में जिला प्रशासन ने DC राहुल नरवाल और SP विनोद कुमार की मौजूदगी में JCB और हाइड्रा मशीनों की मदद से पाइपलाइन पर लगाया गया टी-पॉइंट हटा दिया। कार्रवाई रात करीब डेढ़ बजे की गई, जिसके बाद ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान बास थाना में तैनात ASI प्रीतम सिंह के सिर में चोट लग गई। उन्हें उपचार के लिए हांसी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया।

ग्रामीणों की ओर से सरपंच प्रतिनिधि हिमांशु ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में कुछ महिलाओं को भी चोटें आई हैं। हालांकि, उन्होंने किसी घायल महिला की पहचान सार्वजनिक नहीं की।

गौरतलब है कि तीन दिन पहले चैनत गांव में ग्रामीणों ने थालियां बजाकर जश्न मनाया था। उस समय ग्रामीणों का दावा था कि सरकार ने उनकी मांगें स्वीकार कर ली हैं, जिसके बाद उन्होंने पाइपलाइन पर टी-पॉइंट लगा लिया था। लेकिन प्रशासन की देर रात की कार्रवाई के बाद विवाद फिर से गहरा गया है।

20 जून को सरपंच एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सोमेश कुमार सरकार के प्रतिनिधि के रूप में धरनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा था कि उन्हें सरकार ने भेजा है और उनकी सभी मांगें मान ली गई हैं। साथ ही दावा किया था कि टी-पॉइंट का काम उसी दिन शुरू हो चुका है और इसे पाइपलाइन से जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद धरनास्थल पर इसकी घोषणा भी की गई। इसके बाद उन्होंने अपने हाथों से पांचों बुजुर्गों को जूस पिलाकर उनका आमरण अनशन तुड़वाया।

रात को प्रशासन और भारी पुलिस बल एक बार फिर गांव पहुंचा तथा टी-पॉइंट हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा कि सरकार उनकी मांगें मान चुकी है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस संबंध में सरकार और ग्रामीणों के बीच कोई सहमति या बातचीत नहीं हुई है। इसके बाद भारी हंगामे के बीच प्रशासन की टीम टी-पॉइंट उखाड़कर अपने साथ ले गई।

धरना समाप्त होने के अगले ही दिन 21 जून को प्रशासन ने किसी भी तरह की सहमति या बातचीत होने से इनकार कर दिया। वहीं, पेयजल पाइपलाइन से कथित छेड़छाड़ के मामले में FIR भी दर्ज कर ली गई। पब्लिक हेल्थ विभाग के एक्सईएन संजीव त्यागी ने कहा कि विभाग ने टी-पॉइंट लगाने की कोई अनुमति नहीं दी थी। इस कार्य के लिए न तो विभाग से कोई स्वीकृति ली गई और न ही विभाग का कोई कर्मचारी इसमें शामिल था।

संजीव त्यागी के अनुसार, सरकारी पाइपलाइन में अवैध रूप से करीब 6 इंच का टी-पॉइंट लगाकर सरकारी संपत्ति से छेड़छाड़ की गई है। विभाग के तकनीकी अधिकारी मामले का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि पाइपलाइन और जलापूर्ति व्यवस्था को हुए नुकसान का आकलन किया जा सके।

16 मई को चैनत गांव के ग्रामीणों ने पानी की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। 1 जून को ग्रामीणों ने पाइपलाइन उखाड़ने की कोशिश की थी। ग्रामीण हथौड़े और लोहे की रॉड लेकर मौके पर पहुंचे और पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। इसके साथ ही उन्होंने हांसी-बरवाला रोड पर बड़े पाइप डालकर जाम लगा दिया था, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी।

बरवाला के राजली हेड से भाखड़ा का पानी हांसी शहर पाइपलाइन के जरिए पहुंचाया जाएगा। इसके लिए पेयजल पाइपलाइन बरवाला के गांव राजली स्थित राजली भाखड़ा हेड से हांसी शहर तक बिछाई जा रही है। इस परियोजना पर करीब 80 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यह काम सरकार की अमृत योजना के तहत हो रहा है, जिसका उद्देश्य हांसी शहर में पेयजल की कमी को दूर करना है।

करीब 30 किलोमीटर लंबी इस पाइपलाइन का निर्माण कार्य फिलहाल राजली से चैनत गांव तक पहुंच चुका है। पाइपलाइन को आगे हांसी तक ले जाने के लिए इसे चैनत गांव से होकर गुजरना है। हालांकि, ग्रामीणों की मांग है कि उनके गांव को भी इसी पाइपलाइन से पेयजल कनेक्शन दिया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि जब पाइपलाइन उनके गांव से होकर गुजर रही है तो उन्हें भी इसका लाभ मिलना चाहिए। वहीं प्रशासन का तर्क है कि यह परियोजना विशेष रूप से हांसी शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है, इसलिए योजना के तहत गांव को इससे पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।

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