हरियाणा सरकार ने नारनौल के जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (DDPO) प्रमोद देशवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रमोद देशवाल डीडीपीओ के साथ-साथ डीसीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे थे। उनके निलंबन के आदेश राज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने 9 जून को नारनौल के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक बुलाई थी। बैठक सुबह 9 बजे शुरू हुई, लेकिन पंचायत विभाग की समीक्षा के दौरान डीडीपीओ प्रमोद देशवाल मौजूद नहीं थे। वह करीब 15 मिनट की देरी से पहुंचे।
लेट आने का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए
बैठक में पहुंचने के बाद स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने उनसे देरी का कारण पूछा, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। मंत्री ने उनके व्यवहार और कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई और मौके पर ही उपायुक्त (DC) को उनके निलंबन की सिफारिश कर दी। इसके बाद यह प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया, जिस पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।
चरखी दादरी में किया अटैच
निलंबन अवधि के दौरान प्रमोद देशवाल को चरखी दादरी उपायुक्त कार्यालय से अटैच किया गया है। उन्हें बिना उपायुक्त की अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। निलंबन के पहले छह महीने तक उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा।
आदेश में कारण का उल्लेख नहीं
हरियाणा सरकार के विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र देशवाल की ओर से 26 जून 2026 को जारी आदेश में निलंबन का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। हालांकि, यह पत्र अब सार्वजनिक हुआ है।
प्रमोद देशवाल ने टिप्पणी से किया इनकार
मामले में प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क किए जाने पर प्रमोद देशवाल ने कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वह इस विषय पर किसी भी प्रकार का जवाब नहीं देना चाहते।


