संयुक्त किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश के मीडिया प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि इस बार किसान-मजदूर गाजीपुर मोर्चे पर मिलकर दिवाली मनाएंगे। एसकेएम के घटक संगठनों ने किसानों से अपील की है कि वे इस बार गांवों से निकलकर मोर्चे पर आएं। धरने में भागीदारी बढ़ाएं और 11 महीने से धरने पर बैठे किसानों के साथ ही दिवाली मनाएं।

दिल्ली के गाजीपुर, सिंघु, टीकरी और शाहजहांपुर बॉर्डर पर 26 नवंबर 2020 से किसान धरने पर बैठे हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के किसानों की मौजूदगी गाजीपुर बॉर्डर पर है। पंजाब-हरियाणा के किसान सिंघु व टिकरी बॉर्डर पर बैठे हैं। जबकि शाहजहांपुर बॉर्डर पर राजस्थान के किसानों का डेरा है।

किसानों ने लोहड़ी, होली, रक्षाबंधन समेत अन्य त्यौहार दिल्ली के बॉर्डरों पर ही मनाए हैं। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पिछले 11 महीने से खुद घर नहीं गए हैं। इस बीच वह कई बार मुजफ्फरनगर जरूर गए, लेकिन घर नहीं गए।

दरअसल, किसानों ने ऐलान कर रखा है कि तीन कृषि कानूनों की वापसी के बिना वह घर नहीं आएंगे। ऐसे में किसान और नेताओं के परिवार समय-समय पर बॉर्डर पर आकर ही उनसे मिलते रहते हैं।

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!