करनाल के घरौंडा में रविवार रात आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिला, जब एक कुत्ते ने घर के बाहर खड़े 55 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला कर उनके चेहरे को बुरी तरह नोच डाला। हमले में माथे से मांस तक बाहर आ गया और खून से लथपथ हालत में बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
घरौंडा के वार्ड-7 स्थित बालीनगर में सोम्मी राम अपने घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया। कुत्ते ने उन्हें नीचे गिरा दिया और चेहरे को बुरी तरह नोच डाला। गनीमत रही कि उनकी आंखें बाल-बाल बच गईं
लोगों ने बचाया, हालत गंभीर होने पर रेफर
शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडों से कुत्ते को भगाया। सूचना मिलते ही पार्षद प्रतिनिधि विभोर गुप्ता भी पहुंचे और घायल को घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें करनाल रेफर किया। इलाज के बाद अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है और घर पर बेड रेस्ट की सलाह दी गई है।
डॉक्टर बोले – टांके नहीं लगाए, इंफेक्शन का खतरा
डॉक्टरों के अनुसार कुत्ते के काटने वाले घाव पर टांके लगाने से संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए घाव को खुला रखा गया है।
प्रशासन पर उठे सवाल, 10 महीने से बढ़ रहा खतरा
पार्षद प्रतिनिधि विभोर गुप्ता ने नगरपालिका और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पिछले 10 महीनों से इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है, लेकिन अब तक न तो डॉग शेल्टर पूरी तरह तैयार हुआ और न ही कुत्तों को पकड़ने की ठोस कार्रवाई हुई।
बच्चे और महिलाएं भी निशाने पर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आवारा कुत्ते रोजाना बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
समाधान नहीं तो आंदोलन
विभोर गुप्ता ने साफ कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
नगरपालिका का जवाब
नगरपालिका सचिव रविप्रकाश शर्मा के अनुसार डॉग शेल्टर का काम अंतिम चरण में है और अगले दो हफ्तों में कुत्तों की नसबंदी का अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
