अंबाला के महेश नगर स्थित लेखी कॉम्प्लेक्स में करीब दो महीने पहले हुई भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के डिप्टी इंजीनियर राहुल मिश्रा की मौत के मामले में अब पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इसको लेकर एक दिन पहले ही मृतक के पिता (एयरफोर्स ऑफिसर) ने मंत्री अनिल विज से मिल कर न्याय की गुहार लगाई थी।
पिता ने मकान मालिक और उसके बेटे पर हत्या का शक जाहिर करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्री की फटकार के बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पहले राहुल मिश्रा की मौत को हादसा मान कर कार्रवाई की गई थी।
UP के लखनऊ निवासी विनोद कुमार मिश्रा, जो भारतीय वायु सेना में जेडब्ल्यूओ (JWO) के पद पर तैनात हैं, ने महेश नगर थाना पुलिस को दी नई शिकायत के अनुसार उनका 25 वर्षीय बेटा राहुल मिश्रा आकाश मिसाइल यूनिट में डिप्टी इंजीनियर था। 6 फरवरी 2026 को उसकी लाश लेखी कॉम्प्लेक्स की पार्किंग में मिली थी। उस समय मकान मालिक केएस लेखी ने इसे छत से गिरकर हुई मौत बताया था।
पिता विनोद का आरोप के अनुसार राहुल डेढ़ साल से वहां रह रहा था और हर महीने नकद किराया देता था, लेकिन घटना के बाद मकान मालिक ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया, जो गहरी साजिश की ओर इशारा करता है।पिता ने राहुल के शरीर पर मिली चोटों का जिक्र करते हुए इसे मारपीट का मामला बताया है।
विनोद मिश्रा के मुताबिक राहुल की बाईं आंख काली पड़ी हुई थी। सीधी पसली के नीचे नीले निशान थे और कंधा उतरा हुआ था। उसने कहा कि राहुल ने तीन महीने पहले मकान मालिक के बेटे पर मादक पदार्थों के व्यापार में संलिप्त होने का शक जताया था, जिसके कारण रंजिश की संभावना है।
गौरतबल है कि घटना के अगले दिन 7 फरवरी 2026 को पिता विनोद मिश्रा ने गमगीन हालत में पुलिस को दिए बयानों में अपने बेटे की मौत के लिए किसी पर शक जाहिर नहीं किया था। इसके बाद पुलिस ने धारा 194 BNSS (संदेहास्पद मृत्यु) के तहत कार्रवाई की थी।
मगर अब, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए पिता विनोद ने मकान मालिक, उसके बेटे और 4 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है।
महेश नगर थाना पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PMR No. 45) और पिता द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर दोबारा तफ्तीश कर रही है। सीन ऑफ क्राइम टीम की रिपोर्ट और मोबाइल लोकेशन के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
