ड्रग्स केस में फंसे अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने खुद को जान का खतरा बताते हुए मोहाली कोर्ट में एप्लीकेशन दी है। जिसमें उन्होने कहा है कि उन्हें पुरानी बैरक में ही शिफ्ट किया जाए। नई बैरक में उन्हें जान का खतरा है। इसके पीछे जेल में बंद गैंगस्टरों का हवाला दिया गया है। मजीठिया इस वक्त पटियाला सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनकी न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद मोहाली कोर्ट में सुनवाई हो रही है। मजीठिया ने ड्रग्स केस खारिज करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की है। जिसकी इसी महीने सुनवाई होनी है।
इससे पहले पटियाला सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट को बदलने को लेकर भी बवाल हो चुका है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद जेल मंत्री हरजोत बैंस ने जेल का दौरा किया था। इसके बाद उन्होंने शिवराज सिंह को बदल दिया। उनकी जगह सुच्चा सिंह को जेलर लगा दिया गया। सुच्चा सिंह की कुछ दिन पहले सुखबीर बादल के साथ तस्वीरें सामने आई थी। जिसको लेकर विरोधियों ने सवाल उठाए थे।
बिक्रम मजीठिया के खिलाफ पिछली कांग्रेस सरकार ने चुनाव के नजदीक आते ही ड्रग्स केस दर्ज किया था। उन पर इंटरनेशनल ड्रग स्मगलरों का साथ देने और उनकी डीलिंग करवाने का आरोप है। स्पेशल टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर यह केस दर्ज किया गया है। इसमें मजीठिया को लोअर कोर्ट और हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक से जमानत नहीं मिली। जिसके बाद उन्होंने 24 फरवरी को सरेंडर किया था, जिसके बाद से वह जेल में बंद हैं।
इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को CM भगवंत मान की सरकार बदल चुकी है। नई टीम IG गुरशरन सिंह संधू की सुपरविजन में काम करेगी। वहीं SIT का प्रमुख IPS अफसर एस. राहुल को बनाया गया है। टीम में AIG रणजीत सिंह ढिल्लो, DSP रघुवीर सिंह और DSP अमरप्रीत सिंह शामिल हैं। पिछली एसआईटी AIG बलराज सिंह की अगुवाई में बनी थी। जिन पर अकाली दल ने बदलाखोरी का आरोप लगाया था। उनके बेटे प्रिंसप्रीत सिंह की प्रमोशन को लेकर भी विवाद हुआ था।
