रोहतक। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की करीब 45 घंटे चली हड़ताल खत्म होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने में कथित लापरवाही को लेकर सरकार ने कार्रवाई की है। रोहतक के महम में तैनात उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के एक्सईएन संजीत कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर की शाम बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, जिन क्षेत्रों में सप्लाई बाधित थी, वहां तकनीकी खामियों को प्राथमिकता से दूर करने और रात 12 बजे तक बिजली आपूर्ति की स्थिति की रिपोर्ट देने को कहा गया था।
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान एक्सईएन संजीत कुमार के कार्यालय में मौजूद न होने और विभागीय अधिकारियों के फोन रिसीव नहीं करने की बात सामने आई। इसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। जारी आदेशों के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान उन्हें पंचकूला स्थित कार्यालय में रहना होगा और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
45 घंटे की हड़ताल के बाद बहाल हुई थी बिजली आपूर्ति
बिजली कर्मचारी 22 अक्टूबर की रात 10 बजे से 23 अक्टूबर की शाम तक हड़ताल पर रहे। कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल के लिए बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के फैसले का विरोध कर रहे थे।
शुक्रवार को पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, बिजली मंत्री अनिल विज और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। सरकार की ओर से फैसले की समीक्षा कराने और समानांतर लाइसेंस पर रोक लगाने के संबंध में आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल वापस लेने और काम पर लौटने का ऐलान किया।
बिजली व्यवस्था पर सरकार की नजर
हड़ताल के कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सप्लाई जल्द बहाल करने, तकनीकी फॉल्ट ठीक करने और लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम चालू रखने के निर्देश दिए थे। इसी घटनाक्रम के बीच महम के एक्सईएन पर हुई कार्रवाई चर्चा में है।

