रोहतक नेहरू कॉलोनी में रविवार सुबह 10 बजे मकान की छत गिर गई। इस हादसे में 37 वर्षीय महिला सुनहेरी देवी की मौत हो गई जबकि उनकी 15 वर्षीय बेटी सुनैना बाल-बाल बच गई। लगातार हो रही बारिश की वजह से गार्डर कमजोर हो गया था जिसकी वजह से ये हादसा हुआ।

कॉलोनी निवासी मिथुन ने बताया कि रोजाना की तरह वह मजदूरी करने के लिए चला गया। 12 वर्षीय बेटा नवीन और 14 वर्षीय सुमित बाहर खेलने चले गए। पत्नी सुनहेरी और बेटी सुनैना घर की सफाई कर रही थीं। अचानक गार्डर टूट गया जिससे छत गिर गई। उसके नीचे सुनहेरी दब गई। बाल-बाल बची बेटी सुनैना भागकर घर से बाहर आई और चिल्ला कर पड़ोसियों को बुलाया।

काफी मशक्कत के बाद सुनेहरी को बाहर निकालकर निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई पहुंचने से पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया।

जून में निगम आयुक्त ने जर्जर भवनों को लेकर एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी में इंजीनियरिंग व बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों को शामिल किया गया था। कमेटी ने शहर में दो सितंबर तक कोई सर्वे नहीं किया। अमर उजाला ने तीन सितंबर के अंक में लापरवाही को प्रकाशित किया तो टीम शहर में पहुंची और 30 मकानों की सूची तैयार की। ऑफर दिया कि बारिश के मौसम में मकान गिरने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में कम्युनिटी सेंटर में रहें। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनवाने के लिए आवेदन करें। हालांकि, नेहरू कॉलोनी का जो मकान गिरा है वहां तक निगम की टीम नहीं पहुंची।

संयुक्त आयुक्त मंजीत सिंह को मामले की जांच सौंपी गई है। रविवार को टीम मौके पर गई थी। परिवार खोखराकोट में शिफ्ट हो गया है। अब टीम सोमवार को दोबारा जाकर पूरे मामले की जांच करेगी कि आखिर मकान क्यों गिरा। -डॉ. आनंद शर्मा, आयुक्त, नगर निगम

25 साल पहले मकान बनाया था। लगातार बारिश से छत कमजोर हो गई थी। गार्डर टूटने से मलबा नीचे आ गया। आधे घंटे पत्नी को मलबे से निकाले व आधे घंटे एंबुलेंस के इंतजार में चला गया। अगर टाइम पर सुनहेरी को अस्पताल ले जाया जाता तो जान बच जाती। वह पत्नी के साथ मेहनत मजदूरी करके तीन बच्चाें को पाल रहे थे। प्रशासन से गुहार है कि उनकी आर्थिक मदद की जाए। -मिथुन, सुनहेरी के पति।

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