भारत की बेटियां धरती से लेकर अंतरिक्ष तक में अपना परचम लहरा चुकी है।  कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद अब एक और हिस्‍दुस्‍तानी बेटी इतिहास रचने जा रही है। भारतीय मूल की अथिरा प्रीथा रानी को नासा के 2022 एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए चुना गया है।  वह दुनिया भर से चुने गए उन 12 लोगों में से एक हैं, जिन्हें नासा खास ट्रेनिंग देगा। 

 24 साल की अथिरा मूल रूप से केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली है। उनकी ये ट्रेनिंग करीब 3 से 5 साल तक चलेगी, जिसमें सफल होते ही कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद  भारतीय मूल की महिला होंगी। इसके अलावा वह केरल की पहली बार अंतरिक्ष यात्री भी होंगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम संयुक्त रूप से नासा, कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी और कनाडा की राष्ट्रीय अनुसंधान परिषद द्वारा चलाया जाता है।

अथिरा ने अपनी इस उपलब्धि को लेकर कहा- मैंने एक भारतीय नागरिक के रूप में अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवेदन किया था। इसलिए मैं अपने प्रशिक्षण सूट पर तिरंगे के साथ वहां एक भारतीय नागरिक के रूप में प्रशिक्षण लूंगी। अथिरा कनाडा में अपने पति गोकुल के साथ एक्सो जियो एयरोस्पेस कंपनी नाम से एक स्टार्टअप चलाती हैं।

 

अथिरा को बचपन से ही अंतरिक्ष और अंतरिक्ष यात्रियों में दिलचस्पी रही है। वह केरल में एक खगोलीय समाज, एस्ट्रा की कक्षाओं में भाग ले चुकी है, जहा वह अपने पति गोकुल से मिली थी। अथिरा ने बाद में कनाडा के ओटावा में अल्गोंक्विन कॉलेज में बहुत कम उम्र में प्रवेश लिया और रोबोटिक्स का अध्ययन किया, वह वहां स्कॉलरशिप पर थी।

अथिरा से पहले भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 195 से भी ज्यादा दिन तक अंतरिक्ष में रहने का विश्व रिकॉर्ड बना चुकी हैं। उनसे पहले भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री  कल्पना चावलाने इतिहास रचकर देश का नाम रोशन किया था, हालांकि वर्ष 2003 में दुघर्टना के चलते मौत हो गई थी। 

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