पानीपत जिले के गांव बराना से महज 8 साल के दूसरी कक्षा के छात्र के अपहरण का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों ने घर में एक पत्थर पर चिट्ठी लपेट कर फेंकी। जिसमें 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी है। पैसों के लिए दो दिन का समय देते हुए आरोपियों ने मामले के बारे में पुलिस को बताने पर बच्चे की लाश मिलने की धमकी दी है।
हालंकि परिजनों ने चिट्ठी के मुताबिक घर के बाहर दीवार पर लिख दिया कि पैसा तैयार। मगर मामले की सूचना पुलिस को भी दे दी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 364A के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई व बच्चे की तलाश शुरु कर दी है। बच्चा दो बहनों का एकलौता भाई है।
सेक्टर 13-17 थाना पुलिस को दी शिकायत में सीमा ने बताया कि वह गांव बराना की रहने वाली है। 20 जून की दोपहर करीब ढाई बजे जब वह अपने दूसरे घर से घर जाने लगी तो उसे आंगन में एक पॉलीथिन पड़ी मिली। उसने उसे उठाया और खोल कर देखा तो उसके अंदर एक कागज पत्थर के ऊपर लपेटा हुआ था। जिसे उसे खोल कर देखा तो कागज पर लिखा था कि तुम्हारा लड़का हमारे पास है।
लड़का चाहिए तो 15 लाख तैयार कर लो। तैयार होने के बाद मकान पर (*) ये निशान लगा देना। दो दिन में पैसे तैयार कर लेना। पुलिस को फोन किया तो लड़के की लाश मिलेगी। यह देखते ही उसने परिजनों को बताया। परिजनों ने मिलकर लड़के रौनक(8) को अपने तौर पर काफी तलाशा, मगर उसका कोई सुराग नहीं लगा। जिसके बाद पुलिस को शिकायत दी है। मां ने शक जताया है कि बेटे रौनक का किसी अज्ञात ने फिरौती के लिए अपरहण कर लिया है। उस अज्ञात व्यक्ति का पता लगाकर बेटे रौनक को उनसे छुटवाकर, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए पुलिस की पांच टीम लग गई है। जिनमें सीआईए वन, टू और थ्री समेत सेक्टर 13-17 थाना व साइबर सेल टीम शामिल है। पुलिस न केवल गांव, ब्लकि साथ लगते गांवों के भी सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। लगातार संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। नजदीकियों से शक के बिनाह पर सख्ती से पूछताछ हो रही है।
यहां तक कि परिवार के सदस्यों के साथ भी पुलिस संदिग्ध समझ कर लगातार पूछताछ कर रही है। वहीं, गांव के भाईचारे की मिशाल पेश करते हुए ग्रामीणों ने रातभर गांव की सीमाओं को चारों ओर ठीकरी पहरों से घेर लिया। रात भर गांव से आने वाले व गांव से जाने वाले वाहनों की ग्रामीणों ने चेकिंग की। ठीकरी पहरों का मोर्चा युवाओं ने संभाला।
