रोहतक/हिसार। हरियाणा में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर दिखाई देने लगा है। गुरुवार सुबह पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और यमुनानगर के कई हिस्सों में बारिश हुई। बारिश के बाद आसमान में काली घटाएं छा गईं और मौसम में बदलाव देखने को मिला। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने प्रदेश के 15 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
रोहतक समेत इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पलवल और नूंह समेत कई जिलों में बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। करनाल और यमुनानगर में आंधी को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।
30 अक्टूबर को भी बदला रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को भी हरियाणा के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। पंचकूला, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, सिरसा, फतेहाबाद और हिसार समेत कई जिलों में बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अक्टूबर में सामान्य से 181% ज्यादा बारिश
हरियाणा में अक्टूबर के दौरान सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 27 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में औसतन 25.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 9 मिलीमीटर है। इस तरह बारिश सामान्य से 181 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई।
जिलेवार आंकड़ों में सोनीपत में सबसे ज्यादा 63.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अक्टूबर में हुई इस अतिरिक्त बारिश से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
रात के तापमान में ठंडक, बावल सबसे ठंडा
प्रदेश में सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ने लगी है। पिछले दिन के मुकाबले औसत न्यूनतम तापमान में 0.1 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, हालांकि तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है।
रेवाड़ी जिले के बावल में सबसे कम न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पंचकूला में 13.1 डिग्री, महेंद्रगढ़ में 13.2 डिग्री, नारनौल में 13.5 डिग्री और करनाल में 13.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। किसानों और वाहन चालकों को भी मौसम में बदलाव को ध्यान में रखकर सावधानी बरतनी चाहिए।
