हरियाणा के चारों सरकारी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने पंचकूला स्थित चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (DMER) के कार्यालय पहुंचकर निदेशक श्री धीरेन्द्र खड़गता, IAS से मुलाकात की और छात्रों के मूल दस्तावेज़ रोके जाने के मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
छात्रों ने निदेशक से आधिकारिक नोटिस जारी कर उनके मूल दस्तावेज़ वापस दिलाने का अनुरोध किया, ताकि उनकी स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा (MD/MS) में कोई बाधा न आए।
छात्रों के अनुसार, निदेशक ने आश्वासन दिया है कि दस्तावेज़ जारी करने के संबंध में कल शाम तक आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
छात्रों ने इस आश्वासन पर भरोसा जताते हुए निर्धारित समय तक इंतजार करने की बात कही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा तक कोई ठोस निर्णय नहीं आता, तो हरियाणा के चारों सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लगभग 600 MBBS स्नातक पंचकूला स्थित DMER कार्यालय पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही, छात्र न्याय की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख भी करेंगे।
NEET-PG में सफलता हासिल कर चुके छात्रों की पोस्टग्रेजुएट दाखिले की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका के बीच, छात्र अब इस मामले में तत्काल, आधिकारिक और समयबद्ध समाधान की मांग कर रहे हैं।
छात्रों का स्पष्ट संदेश: बॉन्ड नीति के नाम पर डॉक्टरों की उच्च शिक्षा और भविष्य बाधित नहीं होना चाहिए।
