रोहतक। हरियाणा में नशे के खिलाफ अभियान को तेज करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने 14वीं एनकॉर्ड की राज्य स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को यूनिवर्सिटी, कॉलेजों और पार्कों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं, रोहतक के डीसी सतबीर सिंह ने पुलिस और संबंधित विभागों को नशे की बिक्री, सेवन और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशाखोरी के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी तेज किए जाएं।

मेडिकल स्टोरों पर होगी विशेष नजर

डीसी सतबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच की जाए। प्रतिबंधित नशीली दवाओं की अवैध बिक्री करने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

जांच अभियान के दौरान दवाओं की बिक्री से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा, ताकि नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर अंकुश लगाया जा सके।

यूनिवर्सिटी, कॉलेजों और पार्कों में बढ़ेगी निगरानी

मुख्य सचिव ने शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पुलिस को पार्कों, सब्जी मंडियों, स्टेडियमों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।

प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी रोकने के साथ युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है।

जिले के पांच नशा मुक्ति केंद्रों की होगी जांच

डीसी ने रोहतक में संचालित पांच सरकारी और निजी नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित अंतराल पर जांच करने के निर्देश भी दिए हैं। इन केंद्रों की व्यवस्थाओं और निर्धारित नियमों के पालन की निगरानी की जाएगी।

प्रशासन का जोर नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ नशे की समस्या को जड़ से रोकने पर है।

नशा बेचने वालों के ठिकानों पर कार्रवाई के निर्देश

पुलिस को नशा बेचने और खरीदने वालों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नशा तस्करी से जुड़े संदिग्ध ठिकानों की पहचान कर नियमानुसार छापेमारी और कार्रवाई करने को कहा गया है।

डीसी सतबीर सिंह ने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए।

स्कूलों और कॉलेजों में चलेंगे जागरूकता अभियान

नशे के खिलाफ लड़ाई में शिक्षा विभाग की भूमिका भी अहम होगी। अधिकारियों को स्कूलों में प्रहरी क्लब गठित कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेजों में नशा मुक्ति जागरूकता सेल बनाने पर भी जोर दिया गया है।

प्रशासन की प्राथमिकता: रोहतक में नशे की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने के साथ शैक्षणिक संस्थानों व सार्वजनिक स्थानों की निगरानी मजबूत करना और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता बढ़ाना।

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