रबी की बुआई की तैयारियों में जुटे हरियाणा के किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने आगामी रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए प्रमाणित गेहूं बीज के बिक्री रेट आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिए हैं। प्रदेश सरकार ने एमआरपी पर भारी सब्सिडी देते हुए 40 किलोग्राम के बीज बैग की कीमत 1,080 रुपये तय की है। कृषि विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर सभी सरकारी एजेंसियों को निर्देश भेज दिए गए हैं, ताकि बुआई के समय किसानों को बीज की किल्लत का सामना न करना पड़े।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक गेहूं बीज का वास्तविक कुल रेट 4,395 रुपये प्रति क्विंटल बैठता है। हालांकि, किसानों का लागत बोझ घटाने के लिए राज्य सरकार इस पर 1,695 रुपये प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी दे रही है। सब्सिडी का समायोजन होने के बाद किसान को बीज की शुद्ध कीमत 2,700 रुपये प्रति क्विंटल ही चुकानी होगी। इसी दर के हिसाब से 40 किलो वाले थैले का भाव 1,080 रुपये निर्धारित किया गया है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
विभाग ने साफ किया है कि यह रियायती दर 10 साल से कम पुरानी उन सभी गेहूं किस्मों पर लागू होगी, जो सरकार द्वारा नोटिफाइड हैं। हालांकि, परंपरागत और पुरानी किस्म ‘C-306’ को इस सब्सिडी दायरे से बाहर रखा गया है। यह प्रमाणित बीज किसानों को हैफेड (HAFED), हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था (HSSCA), एचएलआरडीसी (HLRDC), कृभको (KRIBHCO), इफ़्को (IFFCO), एनएफएल (NFL) और राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) के अधिकृत बिक्री केंद्रों व डिपो पर उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकारी आदेशों में स्पष्ट हिदायत दी गई है कि इस सब्सिडी योजना का लाभ केवल हरियाणा के मूल निवासी किसानों को ही मिलेगा। बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। प्राइवेट कंपनियों, सरकारी प्रदर्शनियों और एफपीओ (FPOs) को इस सब्सिडी वाली दर पर बीज नहीं दिया जाएगा। पात्र किसानों को अपने पहचान दस्तावेज दिखाकर ही अधिकृत केंद्रों से बीज का उठान करने की अनुमति होगी।

