पंचकूला में मौजूद हरियाणा की विशेष सीबीआई कोर्ट में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने पर मनीषा के पिता का बयान सामने आया है। संजय ने सीबीआई की जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मामले में लीपा-पोती की गई है।
मनीषा के पिता संजय और बैरागी समाज के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार बैरागी ने कहा है कि परिवार सीबीआई की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है और 27 अगस्त को होने वाली सुनवाई के बाद आगे की कानूनी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि हरियाणा के बहुचर्चित अध्यापिका मनीषा मौत मामले में सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में 12 अगस्त को दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में मनीषा की मौत को आत्महत्या का मामला माना है।
साथ ही मनीषा के परिजनों को इस संबंध में पत्र भी भेजा गया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अगली तारीख 27 अगस्त निर्धारित की है। इस दिन क्लोजर रिपोर्ट पर आगे की सुनवाई होगी और परिजनों को भी रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए जा सकते हैं
पीड़ित पिता ने कहा कि सीबीआई ने मनीषा की मौत को आत्महत्या माना है, लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मामले में बहुत सारे सबूत थे जिन्हें अनदेखा किया गया है। उन्होंने कहा कि वे हार नहीं मानेंगे और न्याय के लिए लड़ते रहेंगे।
पीड़ित पिता ने कहा कि वे 27 अगस्त की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद वे आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में फैसला लेंगे।
11 अगस्त 2025 को हरियाणा के भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 13 अगस्त 2025 को मनीषा का शव सिंघानी गांव के खेतों में मिला था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था, जिसके बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।

