रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्र और हरियाणा सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोनीपत के गांव फरमाना में उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किसी व्यक्ति का सामान्य इस्तीफा नहीं, बल्कि लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि सरकार को आखिरकार छात्रों की आवाज के सामने झुकना पड़ा।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि पिछले 36 दिनों से छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। शुरुआत में सरकार इस्तीफे की बात से इनकार करती रही, लेकिन आखिरकार परिस्थितियां ऐसी बनीं कि शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने इसे युवाओं की लोकतांत्रिक जीत बताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लगातार उठाती रही है और आगे भी संसद से लेकर सड़क तक उनकी आवाज बुलंद करती रहेगी। साथ ही उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों, किसानों और पहलवानों को लेकर की गई टिप्पणियों को भी अनुचित बताया।
हरियाणा सरकार पर पेपर लीक को लेकर साधा निशाना
हरियाणा के भर्ती घोटालों और पेपर लीक के मामलों का जिक्र करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा पेपर लीक के मामलों में नंबर-1 बन गया है।
उन्होंने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया और कहा कि इन घटनाओं से युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने HSSC चेयरमैन से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की भी मांग की।
संसद में उठेंगे युवाओं के मुद्दे
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि आगामी संसद सत्र में कांग्रेस पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि सरकार इस विषय पर कोई विधेयक या प्रस्ताव लाती है तो विपक्ष उसका अध्ययन कर अपनी राय रखेगा।
उन्होंने कहा कि विपक्ष आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी करेगा। इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाना विपक्ष की जिम्मेदारी है और कांग्रेस इन मुद्दों को संसद में पूरी मजबूती से उठाएगी।
