पंचकूला। शहर के एक विश्राम गृह में सोमवार को आयोजित जनशिकायत समिति की बैठक के दौरान एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बैठक के बीच में ही महिला थाना की प्रभारी राजेश कुमारी और सहायक उपनिरीक्षक कविता को तुरंत प्रभाव से संस्पेंड करने के निर्देश दे दिए। मंत्री ने कहा कि इन पुलिसकर्मियों को कानून के कायदे-कानून सीखने की सख्त जरूरत है। हालांकि पुलिस उपायुक्त अदिति ने इस मामले में पहले जांच करने का सुझाव दिया, लेकिन मंत्री अपने फैसले पर अडिग रहे।

बैठक के दौरान पंचकूला की रहने वाली मनीषा कुमारी ने अपनी शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि उनके ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन जांच अधिकारियों ने मुख्य आरोपियों में शामिल ससुर का नाम मुकदमे से बाहर कर दिया, जबकि पीड़िता ने 6 लाख रुपये लेने के पुख्ता सबूत भी सौंपे थे। आरोपी खुद एक पुलिसकर्मी है और वर्तमान में यमुनानगर अपराध शाखा में तैनात है। मंत्री ने जब इस मामले की पूरी बात सुनी, तो वे पुलिस की कार्यशैली पर काफी naraj hue

बैठक में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने वाले पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता, औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम के अधिकारी और जिला बाल कल्याण अधिकारी को भी कड़ा नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी बैठकों से इस तरह गैर-हाजिर रहना सहन नहीं किया जाएगा। वहीं, जब निलंबित थाना प्रभारी ने अपनी सफाई पेश करने की कोशिश की, तो मंत्री और अधिक गुस्से में आ गए और अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!