दुनिया में इंसान सब कुछ जीत सकता है लेकिन मौत को नहीं हरा सकता, क्योंकि मृत्यु एक अटल और शाश्वत सत्य है। सोमवार शाम रांची के एक मंदिर में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब भक्तों के सामने शाम की आरती करते हुए एक पुजारी गिर पड़े और उनकी वहीं भगवान के चरणों में ही मौत हो गई। इस घटना की चर्चा हर तरफ हो रही है।
जानकारी के अनुसार झारखंड की राजधानी के एक मंदिर में आचार्य रजनीकांत मिश्रा पूजा-अर्चना करवा रहे थे, तभी उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। मंदिर में मौजूद भक्तों के अनुसार, भजन-कीर्तन और शंख की ध्वनि के बीच शाम की आरती चल रही थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रार्थना में शामिल थे, तभी अचानक मिश्रा की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही पल में वे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
भक्त और स्थानीय लोग तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े। मंदिर में मौजूद लोगों में वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश सिंह और कई स्थानीय निवासी शामिल थे, जिन्होंने पुजारी को पास के अस्पताल ले जाने का तुरंत इंतज़ाम किया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल स्टाफ ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी, और ऐसा लगता है कि मौत कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) की वजह से हुई। आचार्य रजनी कांत मिश्रा अपने सादे जीवन, सौम्य स्वभाव और आध्यात्मिक सेवा के प्रति समर्पण के लिए इलाके में काफी जाने-माने थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मंदिर और वहां आने वाले भक्तों की सेवा में समर्पित कर दिया था।
