हरियाणा के रेवाड़ी में एक सनसनीखेज हत्या का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, पत्नी तन्नू ने अपने प्रेमी सोनू और उसके साथियों के साथ मिलकर पति मोनू की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि पहले मोनू को मिलने के बहाने बुलाया गया, फिर उसका मुंह और नाक दबाकर बेसुध किया गया और जिंदा ही नहर में फेंक दिया गया, ताकि मौत डूबने से हुई प्रतीत हो और मामला आत्महत्या या हादसा लगे।
आरोपियों ने मोनू की स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी कर दी, जिससे पूरा घटनाक्रम आत्महत्या जैसा दिखाई दे। शुरुआती जांच में पुलिस ने भी इसे इत्तेफाकिया मामला मानते हुए शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
हत्या के बाद तन्नू ने पति की मौत पर शोक जताते हुए अंतिम संस्कार और अन्य रस्मों में हिस्सा लिया। करीब सात दिन तक वह परिवार के साथ रहकर दुख का दिखावा करती रही, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
मामले ने तब नया मोड़ लिया, जब पुलिस ने मोनू का मोबाइल परिजनों को सौंपा। मोबाइल का पूरा डेटा डिलीट मिला। परिजनों ने साइबर एक्सपर्ट की मदद से डेटा रिकवर कराया तो उसमें तन्नू और मोनू के बीच की चैट और घटना वाले दिन 49 कॉल की जानकारी सामने आई। इससे परिवार को हत्या का शक हुआ।
परिजनों ने पहले बेटे की रस्म क्रिया पूरी होने का इंतजार किया और फिर पुलिस अधिकारियों को मोबाइल से मिले सबूत सौंपकर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। इसके बाद जांच तेज हुई।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 8 जून को तन्नू ने मोनू को मिलने के लिए बुलाया था। वहां पहले से मौजूद उसके प्रेमी सोनू और उसके साथी हरिओम व अमन ने मोनू को पकड़ लिया। आरोप है कि उसका मुंह और नाक दबाकर बेसुध किया गया और फिर नहर में फेंक दिया गया।
पुलिस ने तन्नू और आरोपी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी सोनू और उसका एक अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि पूछताछ में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
