चंडीगढ़ में आज मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini की अध्यक्षता में हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और कर्मचारी हितों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।

प्रमुख प्रस्ताव

  • राज्य के लगभग 2600 पटवारियों को राहत देने के लिए उनके भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा जा सकता है।
  • पटवारियों की अनिवार्य प्रशिक्षण अवधि कम करने पर भी कैबिनेट विचार कर सकती है, जिससे उनकी नियमित नियुक्ति और सेवा लाभों की प्रक्रिया तेज हो सके।
  • शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी में संभावित संशोधनों और उसके क्रियान्वयन को लेकर भी मंथन होने की संभावना है।

हरियाणा सरकार पहले ही नई शिक्षक स्थानांतरण नीति को अधिक पारदर्शी और मेरिट-आधारित बनाने की दिशा में काम कर चुकी है। नई व्यवस्था में ऑनलाइन ट्रांसफर, विशेष श्रेणियों के लिए अतिरिक्त अंक और दंपत्ति (कपल) मामलों के लिए विशेष प्रावधान शामिल हैं।

हालांकि अंतिम निर्णय कैबिनेट बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन कर्मचारी संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को देखते हुए पटवारियों के भत्ते और प्रशिक्षण अवधि संबंधी प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों पर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं।

इस प्रस्ताव के अनुसार हरियाणा सरकार राजस्व विभाग में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए नए भर्ती 2600 पटवारियों की प्रशिक्षण अवधि 18 महीने से घटाकर 12 महीने कर सकती है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर प्रशिक्षु पटवारी छह महीने पहले ही फील्ड में सेवाएं देना शुरू कर सकेंगे।

सरकार का मानना है कि वर्तमान में लंबी प्रशिक्षण अवधि के कारण बड़ी संख्या में चयनित पटवारी राजस्व कार्यों में तैनात नहीं हो पा रहे हैं, जिससे गांवों और तहसीलों में स्टाफ की कमी बनी हुई है। प्रशिक्षण अवधि कम होने से पटवारियों की उपलब्धता बढ़ेगी और राजस्व विभाग के कार्यों में तेजी आएगी।

इस फैसले का सीधा असर भूमि एवं राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है। विशेष रूप से:

  • जमाबंदी रिकॉर्ड के अद्यतन कार्य में तेजी आएगी।
  • इंतकाल (म्यूटेशन) के लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सकेगा।
  • भूमि रिकॉर्ड से संबंधित प्रमाणपत्र और अन्य सेवाओं के लिए लोगों को कम इंतजार करना पड़ेगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारियों की उपलब्धता बेहतर होने से नागरिकों को स्थानीय स्तर पर अधिक सुविधा मिलेगी।

यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो यह हरियाणा के राजस्व प्रशासन को मजबूत करने और आम लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

कैबिनेट के एजेंडे में दयालु योजना-1 में दावा दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल है। वर्तमान में मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में लाभ लेने के लिए 3 माह के भीतर दावा करना होता है। इसे बढ़ाकर 6 माह किया जा सकता है।

हरियाणा सरकार सूबे के टीचरों की नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार की है। इसके तहत अब कुंवारी महिला टीचरों के अविवाहित होने के मिलने वाले 10 नंबरों की कटौती की गई है। इसको लेकर काफी कंट्रोवर्सी चल रही है। इस ट्रांसफर पॉलिसी का ड्राफ्ट शिक्षा विभाग की ओर से सरकार को भेजा गया है। मंजूरी के लिए आज होने वाली कैबिनेट मीटिंग में इस पर डिस्कशन किया जाएगा।

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