हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत 15 जून से होने जा रही है। चुनाव आयोग ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और राज्यभर में करीब 21 हजार कर्मचारियों एवं अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस अभियान के तहत मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया जाएगा, ताकि आगामी चुनावों से पहले वोटर डाटा को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।
राज्य में कुल 20 हजार 629 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और 12,917 बूथ लेवल एजेंट (BLA) अभियान में भाग लेंगे। इनके अलावा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), 180 सहायक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) तथा 333 अतिरिक्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी भी तैनात किए गए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार प्रदेश के 2.07 करोड़ से अधिक मतदाताओं के रिकॉर्ड का वर्ष 2002 की मतदाता सूची सहित अन्य उपलब्ध दस्तावेजों से मिलान किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टियों को हटाना और पात्र मतदाताओं का नाम सुनिश्चित करना है।
15 जून से 14 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए मतदाताओं का पंजीकरण, नाम में सुधार, पता परिवर्तन और अन्य आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे। आयोग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है।
अभियान के तहत 1 जुलाई को संभावित रूप से अयोग्य या संदिग्ध प्रविष्टियों की सूची जारी की जाएगी। इसके बाद दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 22 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
एसआईआर अभियान के मद्देनजर भाजपा ने सोमवार को पंचकूला में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और संगठन पदाधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि बैठक में बूथ स्तर पर पार्टी की रणनीति और मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को लेकर चर्चा होगी।
विशेष गहन पुनरीक्षण को चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे मतदाता सूची में त्रुटियों को कम करने और वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। आगामी चुनावी गतिविधियों को देखते हुए यह अभियान राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग, दोनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

