प्रेस को जानकारी देते हुये मायना गांव के सरपंच परवीन ने बताया कि सरकार पीछे से भालौठ सब ब्रांच की तली को आरसीसी से पक्की कर रही थी जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया है अब इधर झज्जर सब ब्रांच की तली को पक्की करने के विरोध में भी ग्रामीण एकजुट हो गए । और ठेकदार से मिलकर नहर की तली को पक्की करने के विरोध में काम को रोकने की मांग की जिसके संबंध में कार्यकारी अभियंता को भी ज्ञापन सौंपा गया उन्होंने मुद्दों को आगे पहुंचाने और काम रोकने का आश्वासन दिया है
किसान सभा जिला उपाध्यक्ष प्रीत सिंह ने बताया कि नहर से पहले ही पीने का पानी कम होता जा रहा है आसपास के ज्यादातर आबादी नहरों के नजदीक नलकों के पानी पर निर्भर है इसके पक्के होने से भू जल स्तर बहुत नीचे चला जाएगा और पानी का संकट खड़ा हो जायेगा इसलिए भूमिगत जल को बचाने के लिए आसपास के सभी गावों जिसमें मायना,शिमली, करोंथा, डीघल, धांधलॉन ,आदि गांव के प्रमुख इक्कठे हुए और तली पक्की करने का विरोध किया ।
इस मौके पर अहलवात खाप 84 के प्रधान जय सिंह अहलावत, सतगामा प्रधान श्रीपाल बालंद,पूर्व सरपंच मांगेराम दिघल,श्रीभगवान पूर्व सरपंच मायना,अरविंद सरपंच करोंथा, देवेंद्र सरपंच प्रतिनिधि शिमली,अशोक राठी उपप्रधान किसान सभा, आदि शामिल रहें।


