रोहतक पुलिस द्वारा आज एक ही दिन में तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाते हुए फिर से इतिहास रचा है। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर एच के अग्रवाल व अन्य डॉक्टरों द्वारा हरियाणा पुलिस का धन्यवाद व्यक्त किया है। पुलिस अधीक्षक रोहतक श्री गौरव राजपुरोहित के मार्गदर्शन में तथा अत्तिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आयुष यादव के नेतृत्व में रोहतक पुलिस द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है। 100 से अधिक पुलिस कर्मचारियों ने समय पर अस्पतालों में ऑर्गन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। ग्रीन कोरिडोर बनाने में ट्रैफिक एसएचओ निरीक्षक जसबीर, प्रभारी यातायात पश्चिम उप. नि. प्रवीण कुमार, प्रभारी थाना पीजीआईएमएस निरीक्षक रोशनलाल, प्रभारी थाना आईएमटी व प्रभारी थाना सांपला ने जैसे ही अंग दिल्ली के लिए निकले पूरे शहर के रास्ते को ब्लाँक करके पूरी स्पीड से अंग रोहतक से दिल्ली व पचंकुला के लिए निकलवाने में अहम भूमिका अदा करवाई। जो पूरे प्रदेश के इतिहास में अपने आप में हरियाणा पुलिस के लिए गौरव का विषय है।
ग्रीन कॉरोडिर क्या होता है-
ग्रीन कॉरिडोर एक ऐसा विशेष अस्थाई, स्थाई मार्ग है जिसे पुलिस और प्रशासन मिलकर ट्रैफ़िक मुक्त बनाते हैं। ताकि एम्बुलेंस या अंगदान के लिये कम से कम समय मे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाया जा सके। जिसका मुख्य उद्देश्य जीवन रक्षक अंगो के परिवहन मे लगने वाले समय को घटाकर मरीजो की जान बचाना है।
रोहतक पुलिस द्वारा हर चौक चौराहे पर पुलिस बल तैनात करके 3 कोरेडोर, 2 दिल्ली व 1 पंचकुला, का बनाया गया। रोहतक पुलिस द्वारा न केवल ग्रीन कॉरिडोर को सफलतापूर्वक बनाया बल्कि आमजन की यातायात व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए।
