पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के काफिले को रोकने और बंदूक तानने के मामले की जांच करने वाले डीएसपी कमलजीत का तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब सोनीपत में एसीपी के पद पर तैनात किया गया है।
डीएसपी कमलजीत हिसार में इस पूरे प्रकरण की जांच कर चुके थे और उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद से ही वह दुष्यंत चौटाला के निशाने पर आ गए थे।
दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया था कि जांच ऐसे अधिकारी को सौंपी गई, जो खुद इस पूरे मामले में शामिल रहा है। उन्होंने कहा था कि हिसार के जीजेयू मामले में जजपा नेताओं के घर हुई रेड के दौरान डीएसपी कमलजीत भी टीम का हिस्सा थे और सीसीटीवी में सादी वर्दी में नजर आए थे। ऐसे में उन्हें जांच नहीं सौंपी जानी चाहिए थी।
चौटाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पूरे मामले में साजिश की बू आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार मांग के बावजूद उन्हें एफआईआर की कॉपी तक नहीं दी गई। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हरियाणा यूनिफॉर्म कोड के बावजूद सीआईए टीम सिविल ड्रेस में रेड करने कैसे पहुंची।
वहीं, डीएसपी कमलजीत ने अपनी जांच में सीआईए स्टाफ को क्लीन चिट दी थी। वह दिसंबर 2025 में हिसार आए थे और करीब डेढ़ साल तक यहां सेवाएं दीं।
इसी बीच गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने DSP और ACP स्तर के 15 अधिकारियों के तबादले किए हैं। आदेशों के तहत सुरेश कुमार को गुरुग्राम, संदीप कुमार को सोनीपत और कमलजीत सिंह को भी सोनीपत में एसीपी नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा रमेश कुमार को बिलासपुर (यमुनानगर), जितेश मल्होत्रा को दूसरी बटालियन IRB भोंडसी और सोनू नरवाल को करनाल का डीएसपी बनाया गया है।
हाईकोर्ट की फटकार:
इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी हिसार पुलिस की एकतरफा जांच पर नाराजगी जताई थी। 7 मई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सवाल किया था कि शिकायतकर्ता दुष्यंत चौटाला को जांच में शामिल क्यों नहीं किया गया।
कोर्ट ने हरियाणा सरकार, केंद्र सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होगी।


