प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक जीवन में सादगी अपनाने और ‘वीआईपी कल्चर’ को समाप्त करने के आह्वान के बाद हरियाणा सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों में चलने वाले वाहनों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत तक कटौती करने का फैसला किया है।मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब मंत्रियों के साथ चलने वाली एस्कॉर्ट एवं पायलट गाड़ियों को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित करने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले का उद्देश्य आम जनता को वीआईपी मूवमेंट के दौरान लगने वाले ट्रैफिक जाम और असुविधा से राहत दिलाना है। सरकार का मानना है कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच बिना अनावश्यक दिखावे और भारी सुरक्षा घेरे के पहुंचना चाहिए, जिससे शासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी कम होगी।सरकार के अनुसार वाहनों की संख्या कम होने से ईंधन, रखरखाव और अन्य सरकारी खर्चों में भी कमी आएगी, जिससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। सुरक्षा व्यवस्था केवल आवश्यकता और संवेदनशीलता के आधार पर ही उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का फोकस “दिखावे” पर नहीं बल्कि “जनसेवा” पर है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस पहल का समर्थन करने और इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की है।यह निर्णय प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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