हरियाणा सरकार ने HCS अधिकारियों के एपीआर भरने के नियमों में बदलाव किया है, इन बदलाव के तहत अब अधिकारियों को अपना हेल्थ सर्टिफिकेट देना होगा। ये नियम उन्हीं अधिकारियों पर लागू होगा, जो 40 की उम्र को पार कर गए हैं। नए नियमों के तहत सरकार ने 40 वर्ष से अधिक आयु के एचसीएस अधिकारियों के लिए स्वास्थ्य जांच को भी अनिवार्य कर दिया है।
अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन के साथ मेडिकल रिपोर्ट की समरी अपलोड करनी होगी। प्रशासनिक हलकों में इसे फिट ब्यूरोक्रेसी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही ये पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड में संचालित करने का सरकार ने निर्णय किया है। अधिकारियों को राहत देते हुए स्व-मूल्यांकन जमा करने की अंतिम तिथि एक माह बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दी गई है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार वर्ष 2025-26 की एपीआर प्रक्रिया राज्य के इंट्रानेट पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी। सरकार का मानना है कि ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से न केवल प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि फाइलों के लंबित रहने और अनावश्यक देरी जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।
नई प्रणाली में अधिकारियों के कार्य निष्पादन का मूल्यांकन 1 से 10 के स्केल पर किया जाएगा। इसमें कार्यक्षमता, नेतृत्व क्षमता, व्यवहार, निर्णय लेने की योग्यता और प्रशासनिक दक्षता जैसे मानकों का आकलन होगा। सरकार का दावा है कि इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक वस्तुनिष्ठ और पारदर्शी बनेगी।
नई व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यदि किसी स्तर पर निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होती, तो संबंधित एपीआर स्वतः अगले अधिकारी के पास पहुंच जाएगी। इससे वर्षों से चली आ रही देरी की समस्या समाप्त होने की उम्मीद है।
एएचआरएमएस पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन किया जा सकेगा। सत्यापन के लिए मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा। इसके अलावा डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) या स्कैन किए गए हस्ताक्षरों के माध्यम से भी दस्तावेज प्रमाणित किए जा सकेंगे।

