हरियाणा के गुरुग्राम में 12वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय घर पर कोई नहीं था। जब परिवार दोपहर में वापस लौटा तो छात्रा का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मृतका की पहचान प्रिशा कुमारी के रूप में हुई है, जो गुरुग्राम के खोह गांव में अपने परिवार के साथ रहती थी। परिवार मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले का रहने वाला है। छात्रा के पिता संतोष प्रसाद राशन की दुकान चलाते हैं, जबकि उसकी मां एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं।
पिता के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वह घर लौटे तो बेटी को कमरे में फंदे पर लटका पाया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
जांच के दौरान पुलिस को छात्रा के स्कूल बैग से दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला। नोट में छात्रा ने ट्यूशन के दौरान एक युवक द्वारा परेशान किए जाने और धमकी देने का जिक्र किया है। उसने लिखा कि वह “सबकी नजरों में गलत बन चुकी है” और कोई उसकी बात समझ नहीं रहा। सुसाइड नोट के अंत में 17 बार “सॉरी” लिखा गया है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि एक युवक लगातार उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। छात्रा की एक दोस्त ने भी परिवार को इसी बारे में जानकारी दी। पुलिस द्वारा मोबाइल फोन की जांच में कुछ चैट सामने आई हैं, जिनमें युवक द्वारा बातचीत और छात्रा से संपर्क बनाए रखने की बातें सामने आई हैं।
पुलिस ने सुसाइड नोट और मोबाइल चैट को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। जिन युवकों का नाम चैट में सामने आया है, उनसे भी संपर्क किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।
