हरियाणा के पानीपत जिले के सिवाह स्थित जेल में शनिवार को एक बंदी ने बैरक में ही फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। बंदी को बैरक की खिड़की पर लटका देख अन्य बंदियों ने इसकी जानकारी जेल प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। बंदी को आनन-फानन में फंदे से नीचे उतार कर जेल अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को सामान्य अस्पताल में ले जाया गया। साथ ही उसके परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने पर परिजन भी सामान्य अस्पताल पहुंचे। परिजनों के बयानों के आधार पर फिलहाल सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है।
जानकारी देते हुए सोनीपत के जागसी गांव के निवासी रामकुमार ने बताया कि उसका छोटा बेटा संजय (27) व बड़ा बेटा संदीप (29) को पुलिस ने पानीपत इसराना के अंर्तगत आने वाले गांव शाहपुर में पांच साल पहले पिता-पुत्र के डबल मर्डर मामले में गिरफ्तार किया था। दोनों बेटों पर पुलिस ने हत्या की वारदात में शामिल होने की आईपीसी की धारा 120बी लगाई थी। पिता का कहना है कि दोनों बेटे गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में बंद है। पांच साल से दोनों की जमानत नहीं हुई है। जिससे दोनों ही बेटे मानसिक रुप से परेशान हैं। पिता का कहना है कि पुलिस ने उन्हें इस मामले में पूरी तरह गलत फंसाया है।
मामले की जांच कर रहे पुलिस जांच अधिकारी एएसआई सुभाष ने बताया कि जिस बैरक में संजय बंद था, उसमें दो और बंदी थे। रात को तीनों ठीक-ठाक सो गए थे। आज सुबह जब एक बंदी उठा तो उसने संजय को फंदे पर लटका हुआ देखा। संजय ने चद्दर से बैरक की खिड़की पर फंदा लगाया हुआ था।
पिता ने बताया कि बीती रात ही जेल टेलीफोन से उनकी संजय से बात हुई थी। इस बातचीत में संजय ने गले में दर्द होने के बारे में बताया था। उससे बातचीत के दौरान इस घटने को किए जाने का बिल्कुल भी आभास नहीं हुआ था, लेकिन आज सुबह उसके सुसाइड की सूचना से हर कोई परेशान हो गया।

