हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत में आज (रविवार) से पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा। इससे 7 अक्टूबर तक प्रदेश में बारिश देखने को मिलेगी। 5 और 6 अक्टूबर को पूरे हरियाणा और 7 अक्टूबर को अधिकांश जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं] 8 अक्टूबर से हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पश्चिम हो जाएगी।

आईएमडी की जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार राज्य में सामान्य से 33% अधिक वर्षा हुई है। 1 जून से 30 सितंबर 2025 तक हरियाणा में कुल 568.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि औसत 426 मिमी है।

मानसून 24 जून को हरियाणा में पहुंचा और 29 जून तक पूरे राज्य में छा गया। 24 सितंबर को इसकी पूरी तरह से वापसी हो गई। इस बार किसी भी जिले में बारिश की कमी या भारी कमी नहीं रही। मानसून मेहरबान रहा। 6 जिलों में सबसे अधिक, 9 जिलों में अधिक और 7 जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज की गई।

फतेहाबाद जिले में सर्वाधिक 118% अधिक बारिश (572.9 मिमी) दर्ज हुई। वहीं, यमुनानगर में सबसे ज्यादा बारिश 1116.9 मिमी दर्ज हुई। हरियाणा में अब तक सबसे ज्यादा मानसूनी बारिश 1988 में हुई थी, जब राज्य में 1108.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी। वहीं, सबसे कम बारिश 1918 में सिर्फ 196.2 मिमी रही थी।

8 अक्टूबर से पहाड़ों से हवाएं मैदानी इलाकों की तरफ चलेगी। इससे लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। अभी हरियाणा में अधिकतम तापमान 35 डिग्री के आसपास बना हुआ है। वहीं, न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के आसपास है।

मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बादल छाने से दिन के तापमान में अब कमी देखने को मिलेगी। वहीं, रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के बाद नमी बढ़ेगी इससे सुबह और रात के समय ठंडक महसूस होने लगेगी।

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