हरियाणा के रोहतक में गर्भपात कराने के बड़े खेल का भंडाफोड़ हुआ है। सोमवार को देर रात स्वास्थ्य विभाग व जिला ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने रिटायर्ड डॉॅक्टर डॉ. पूनम सहित एक महिला दलाल संतोष को भी काबू किया है। टीम ने पीएनडीटी व एमटीपी एक्ट की उल्लंघन करने, प्रतिबंधित दवाएं, नियमों के विरुद्ध गर्भपात करने आदि के मामले में कार्रवाई की है। आरोपी डॉक्टर व दलाल को पुलिस को सौंप दिया गया है।

डॉ. पूनम फिलहाल झज्जर के एक सरकारी अस्पताल में कार्यरत हैं। सिविल सर्जन डॉ. जेएस पुनिया को गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर दो में गर्भपात करने का कार्य चोरी छिपे हो रहा है। इस पर विभाग ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सत्यवान के नेतृत्व में टीम बनाई और एक गर्भवती महिला को इसके लिए तैयार कर भगत सिंह कॉलोनी में संतोष क्लीनिक पर भेजा। यहां एक संतोष नामक महिला मिली जोकि एक दाई का काम करती है। संतोष ने गर्भपात के नाम पर महिला से 20 हजार रुपये मांगे और मौके पर दस हजार रुपये जमा कर दिए।

इसके बाद वह अपने क्लीनिक से ऑटो में महिला को बैठाकर सेक्टर दो के एक मकान में ले गई। यह मकान डॉ. पूनम का था जोकि अपने घर में गर्भपात करने के साथ डिलीवरी व इलाज भी करती हैं। टीम ने पाया एक अन्य महिला भी मौके पर आई हुई थी। इसके साथ ही महिला डॉक्टर ने उनकी भेजी महिला को भी दवा रखने को दी, लेकिन वह बीच में उठ कर बाथरूम के बहाने चली गई और उनको सूचना दे दी।

जांच टीम ने जब जांच की तोे मौके पर महिला डॉक्टर व उसके घर पर प्रतिबंधित दवाएं, गर्भपात करने का सामान व बगैर पंजीकरण के न रखी जाने वाली अन्य दवाएं भी बरामद की। यहां टीम को मौके से 18 एमटीपी किट बैग (गर्भपात के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा) गर्भपात करने के औजार, सक्शन मशीन, स्टेरॉयड, इंजेक्शन व ट्रामाडोल, ऑक्सीटोक्सीन आदि दवाएं भी मिली है।

जिला ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने मौके पर स्वास्थ्य विभाग के साथ मिल कर सब कुछ सील कर दिया। इसके साथ ही टीम ने दाई का काम करने वाली दलाल संतोष को दिए गए दस हजार रुपये भी बरामद कर लिए। जांच टीम में पीएनडीटी एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. विकास सैनी, डॉ. विशाल चौधरी, डॉॅ. दीक्षा गुलिया, डॉ. विजय कुमार, नीरज, जोगिंद्र, ड्रग कंट्रोल विभाग से हेमंत ग्रोवर जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी व पुलिस टीम मौजूद रही

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