रोहतक। पीजीआई क्वार्टरों के पीछे रोहतक-दिल्ली रेलवे लाइन के किनारे हत्या करके फेंके गए शव के टुकड़े किस महिला के हैं, यह पता 36 घंटे बाद भी नहीं लग सका। शुक्रवार को जीआरपी पुलिस की 15 सदस्यीय टीम ने नौ घंटे तक पांच किलोमीटर का दायर खंगाला लेकिन कुछ पता नहीं लग सका। कटा हुआ हाथ व धड़ मिलने की जगह से 20 कदम की दूरी पर प्लास्टिक की दो बाल्टी मिली हैं, जो केमिकल से सनी हैं।
सुबह 10 बजे हिसार से आए डीएसपी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में पुलिस की टीम खोजी कुत्ते के साथ पहुंची। घटनास्थल से लेकर आगे पांच किलोमीटर तक शव के बचे हुए टुकड़ों की तलाश की गई। खोजी कुत्ते की मदद भी ली गई लेकिन कुत्ता भी आसपास ही घूमता रहा।
शाम 5 बजे तक टीम शव के बचे टुकड़े तलाशती रही, इसके बावजूद खाली हाथ रहे। अब शनिवार को पुलिस बरामद शव के टुकड़ों का पोस्टमार्टम करवाएगी। एक्सपर्ट का कहना है कि जांच से यह पता लग सकता है कि शव के टुकड़े कितने पुराने हैं।
हुड्डियों की जांच से उम्र का पता लग सकता है। किस केमिकल से शव को जाने का प्रयास किया गया, यह भी जानकारी सामने आ सकती है। इसके बाद कड़ी से कड़ी जोड़कर पुलिस महिला की शिनाख्त कर हत्यारों तक पहुंच सकती है।
शुक्रवार को जीआरपी ने लगातार नौ घंटे सर्च अभियान चलाया लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। बरामद बाल्टियों को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। महिला के शव के टुकड़ों का पीजीआई के पैनल से पोस्टमार्टम करवाएंगे ताकि हत्यारों तक पहुंचा जा सके।
– जोगेंद्र सिंह थाना प्रभारी जीआरपी

