हरियाणा के जींद में शुक्रवार को एक युवक द्वारा दो बहनों को रेलवे फाटक पर घेरकर फायरिंग करने का मामला सामने आया है I दोनों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं। एक बहन के गोली गर्दन के पास लगी है, वहीं दूसरी की बगल में लगी है। घायलों को जींद के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहां से रोहतक PGI रेफर कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, जींद के पिल्लूखेड़ा के गांव कालवा की रहने वाली 21 वर्षीय रीतू और 27 साल की सीनू शुक्रवार को कपड़े खरीदने के लिए जींद शहर गई थीं। शॉपिंग कर जब वह शाम करीब 5 बजे घर की तरफ आ रही थीं, तभी पिल्लूखेड़ा में रेलवे फाटक के पास उन पर फायरिंग हुई। सीनू और रीतू की बड़ी बहन आशा के देवर सुनील ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। वह गाड़ी से आया था, जबकि युवतियां पैदल थीं। फायरिंग के बाद सुनील मौके से भाग गया। वहीं मौजूद लोगों ने दोनों लहूलुहान बहनों को उठाया, और जींद के सिविल अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने पुलिस को भी सूचना दी।

पुलिस के अनुसार आरोपी युवक ने युवतियों के सामने ही पिस्टल लोड की थी। गोली चलाने से पहले उसने चिल्लाकर कहा था- या तो तू मेरी होगी, या किसी की नहीं होगी। हालांकि, इस समय दोनों युवतियां रोहतक PGI में भर्ती हैं। पुलिस का कहना है कि युवतियों के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस के मुताबिक, सीनू और रीतू की मां सुनीता ने पुलिस को बताया है कि दोनों बहनें शुक्रवार को घर से जींद शहर गई थीं। उन्हें कुछ कपड़े खरीदने थे। जब वह शहर से शॉपिंग कर लौट रही थीं, उसी समय पिल्लूखेड़ा में रेलवे फाटक पर उनके पास सुनील पहुंच गया। युवतियों की मां ने बताया कि सुनील बाइक से आया था। उसने दोनों बहनों को घेर लिया। वह गुस्से में था। उसने अपने जेब से पिस्टल निकाली और लड़कियों के सामने ही लोड की। इसके बाद उसने सीनू से कहा कि तू मेरी होगी, और किसी की नहीं। घायलों की मां का कहना है कि सुनील ने सीनू पर गोली चला दी, जो उसकी छाती पर लगी। इसी दौरान छोटी बहन रीतू उसके बचाव में आई तो सुनील ने उसे भी गोली मार दी, जो उसके जबड़े पर लगी। गोली लगने के बाद दोनों बहनें लहूलुहान हो गईं और जमीन पर गिर पड़ीं।

सुनीता के मुताबिक यह पूरी बात उन्हें सीनू ने ही बताई हैं। उन्होंने कहा- जब सीनू को अस्पताल लाया गया, तब वह होश में थी और बात कर रही थी। इसके बाद जब उसका अस्पताल में इलाज शुरू हुआ तो वह बेहोश हो गई। सुनीता ने पुलिस को सुनील के बारे में और भी बातें बताईं। उन्होंने कहा- मेरी बड़ी बेटी आशा की शादी करनाल जिले के पोपड़ा गांव में हुई है। वहीं, मेरी दूसरे नंबर की बेटी सीनू की शादी भी करीब डेढ़ साल पहले हुई थी। हालांकि, किसी बात को लेकर करीब 6 महीने बाद ही उसका तलाक हो गया था। इसके बाद से सीनू हमारे साथ ही रहती है। सुनीता के मुताबिक आशा का देवर सुनील चाहता था कि सीनू की शादी उससे करवा दी जाए, लेकिन हम उसके लिए तैयार नहीं थे। आशा भी नहीं चाहती थी कि सीनू की शादी उसके देवर से हो, क्योंकि सुनील आवारा किस्म का लड़का है। वह कोई काम नहीं करता। हमारे इस फैसले से सुनील नाराज था।

सीनू व रीतू की मां ने बताया कि सुनील लंबे समय से शादी के लिए दबाव बना रहा था। इसे लेकर गांव में कई बार पंचायत भी हुई। आशा के ससुराल के लोगों ने भी सुनील को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना और सीनू से शादी करने की जिद पर अड़ा रहा। उन्होंने कहा कि सुनील पहले भी कई बार इस तरह की हरकत कर चुका था, लेकिन परिवार के लोगों ने उसे ज्यादा सीरियस नहीं लिया। करीब एक साल पहले भी गांव में ही सुनील ने सीनू पर हमला किया था। तब सुनील ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। गांव वालों ने उसे पकड़ लिया था, जिसके बाद उसका भेद खुल गया।

सुनीता बताती हैं- तब भी सुनील को समझा कर छोड़ दिया गया था। हमें सुनील के साथ अपनी लड़की की शादी करनी नहीं थी, इसलिए अब हम सीनू के लिए रिश्ता तलाश रहे थे। इस बात का पता चलने पर सुनील ज्यादा आक्रामक हो गया और उसने यह वारदात कर दी। वहीं, इस मामले में पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रामअवतार का कहना है कि इस मामले में पहले युवतियों के बयान लिए जाएंगे। इसके लिए पुलिस PGI रोहतक में मौजूद है। बयान दर्ज होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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