हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में नई भर्ती पर रोक लगा दी है। ये रोक तब तक जारी रहेगी जब तक राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। इसको लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने बताया कि पार्टी संगठन के चुनाव इस समय हो रहे हैं।
इसको देखते हुए पार्टी में नई जॉइनिंग पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन के चुनाव पूरे होता ही जॉइनिंग दुबारा से शुरू हो जाएगी। हरियाणा में अब तक प्रदेश अध्यक्ष के पद पर मोहन लाल बड़ौली का नाम सबसे आगे चल रहा है। संभावना है कि बड़ौली को ही केंद्रीय नेतृत्व पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दे।
पार्टी सूत्रों की मानें तो संभावना है कि जिस तरह से 27 जिलाध्यक्षों के चयन के लिए मतदान की नौबत नहीं आई, उसी तरह से प्रदेश अध्यक्ष के चयन के लिए भी मतदान की नौबत नहीं आएगी। हालांकि, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए दावेदारी जताने का पार्टी मौका जरूर देगी।
इसको देखते हुए कई दावेदार गुपचुप तरीके से अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी के बाद प्रदेश में पार्टी को अध्यक्ष सर्वसम्मति से ही मिलेगी।
केंद्रीय पर्यवेक्षक अरुण सिंह की ओर से किसी भी समय प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रधान बनने के इच्छुक नेताओं को आवेदन करने का मौका दिया जाएगा। आवेदन के बाद उसी दिन नामांकन-पत्रों की छंटनी होगी और शाम तक नाम वापस लिए जाएंगे। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन अरुण सिंह की अध्यक्षता में बैठक होगी और उसमें प्रदेशाध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा।
हरियाणा में भाजपा के 27 जिला अध्यक्षों की चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इस चुनाव प्रक्रिया को पूरी करने के लिए बीजेपी ने राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह को प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। संभावना है कि अगले सप्ताह प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही तीन दिनों के भीतर नया अध्यक्ष चुन लिया जाएगा।
