सिरसा से सांसद और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार के बिना पर्ची-बिना खर्ची नौकरी देने के दावे की पोल खुल चुकी है। 84 प्रतिशत अंक हासिल करने वालों को नौकरी दे दी गई। जबकि 100 प्रतिशत अंक हासिल करने वालों को नौकरी नहीं मिली।
इतना ही नहीं सरकार समान काम-समान वेतन के सिद्धांत का पालन नहीं कर रही है। HKRNL के तहत कर्मचारियों का आर्थिक, मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा है।
सरकार इन कर्मचारियों का हित चाहती है, तो खाली पदों पर नई नियुक्ति करने से पहले सभी HKRNL कर्मचारियों को नियमित किया जाए। सरकार चाहे तो ऐसा कर सकती है, क्योंकि प्रदेश में 1 लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा ने केंद्र और प्रदेश की सत्ता हासिल करने के लिए युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया था। मगर आज तक अपना वायदा पूरा नहीं कर पाई।
उन्होंने कहा कि भाजपा बिना पर्ची बिना खर्ची का राग अलाप कर अपनी पीठ थपथपाती है। जबकि उसकी सच्चाई सामने आ चुकी है। कैसे नौकरी दी जाती है, इसका खुलासा हो चुका है। कैसे परीक्षाएं होती हैं, कैसे नंबर दिए जाते हैं, एमबीबीएस परीक्षा इसका ताजा उदाहरण है।
