हरियाणा के आदमपुर थाने में अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के पूर्व प्रधान और राजस्थान के जोधपुर के नेता देवेंद्र बुढ़िया पर दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ है. एक महिला ने उन पर आरोप लगाया है कि विदेश भेजने का लालच देकर उन्होंने उसका बार-बार शोषण किया. देवेंद्र बुढ़िया हरियाणा भाजपा के बड़े नेता और बिश्नोई महासभा के पूर्व संरक्षक कुलदीप बिश्नोई के साथ विवाद के चलते चर्चा में आए थे.
पीड़ित महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह विदेश जाना चाहती थी. इस पर उसके पिता उसे देवेंद्र बुढ़िया के पास ले गए, जिन्होंने भरोसा दिलाया कि वह उसकी मदद करेंगे. बुढ़िया ने ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए महिला को IELTS कोर्स करने की सलाह दी और उसे चंडीगढ़ बुलाया. महिला का आरोप है कि चंडीगढ़ के एक होटल में बुढ़िया ने उसका शोषण किया और घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया.
महिला ने आगे बताया कि चंडीगढ़ के बाद जयपुर में भी बुढ़िया ने उसे अपने फ्लैट पर बुलाकर दुष्कर्म किया. वह उसे लगातार धमकियां देते रहे. परेशान होकर उसने अपनी मां को पूरी बात बताई और फिर आदमपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत दर्ज कराने के बाद महिला ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती बताई. वीडियो में उसने कहा कि देवेंद्र बुढ़िया ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी. उसने दावा किया कि बुढ़िया शराब और ड्रग्स का सेवन करते हैं और सलमान खान से अपनी दोस्ती का झूठा भरोसा देकर उसे बिग बॉस जैसे रियलिटी शो में भेजने का लालच देते थे.
इस पूरे मामले पर देवेंद्र बुढ़िया ने अपनी सफाई देते हुए आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने इसे बिश्नोई महासभा के संरक्षक पद और बिश्नोई रत्न की उपाधि वापस लेने के बाद कुलदीप बिश्नोई द्वारा रचा गया षड्यंत्र बताया. बुढ़िया का कहना है कि उन्हें कानून पर भरोसा है और वह इस साजिश के आगे झुकने वाले नहीं हैं.

देवेंद्र बुढ़िया और कुलदीप बिश्नोई के बीच महासभा के वर्चस्व को लेकर विवाद काफी समय से चल रहा है. बुढ़िया ने कुलदीप बिश्नोई को महासभा के संरक्षक पद से हटा दिया था और उनकी उपाधि वापस ले ली थी. इसके जवाब में बिश्नोई ने बुढ़िया को महासभा के प्रधान पद से हटा दिया.
कुलदीप बिश्नोई, जो हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे हैं, अपनी राजनीतिक विरासत को संभालने में लगातार चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. हाल ही में उनके बेटे भव्य बिश्नोई आदमपुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिति और कमजोर हो गई है.
कुलदीप बिश्नोई हरियाणा के पूर्व सीएम और विश्नोई रत्न रहे चौधरी भजनलाल के बेटे हैं. उनके कंधों पर अपने पिता की विशाल राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का जिम्मा था. कुलदीप इस विरासत को आगे बढ़ाने में लगातार असफल साबित हुए हैं, कांग्रेस से भाजपा में आने के बाद भी उनके हाथ खाली ही हैं. हाल ही में सम्पन्न हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में पांच दशकों से उनके परिवार का गढ़ रही आदमपुर सीट से उनके बेटे भव्य बिश्नोई चुनाव हार गए. आदमपुर सीट के अस्तित्व में आने के बाद यह पहला मौका था जब वहां भजनलाल परिवार के अलावा कोई और विधायक बना है.
कुलदीप बिश्नोई के पास इस वक्त भाजपा में कोई बड़ा ओहदा नहीं है, उनका बेटा चुनाव हार चुका है, पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भी नहीं भेजा. उधर बिश्नोई समाज में भी बुढ़िया से विवाद के बाद उनकी सामाजिक साख को भी बड़ा झटका लगा है, बुढ़िया ने उन्हें अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के संरक्ष पर से हटाकर उनसे बिश्नोई रत्न की उपाधि भी वापस ले ली. हालांकि कुलदीप बिश्नोई ने जवाबी कार्रवाई में देवेंद्र बुढ़िया को ही प्रधान पद से मुक्त कर दिया था, ऐसे में अखिल भारतीय विश्नोई महासभा में भी अब बिखराव नजर आने लगा है.
देवेंद्र बुढ़िया और कुलदीप बिश्नोई के बीच महासभा के वर्चस्व को लेकर शुरू हुई ये जंग अब देवेंद्र बुढ़िया पर रेप के मुकदमे तक पहुंच गई है. आगे ये देखना अहम होगा कि आदमपुर पुलिस इस मामले को लेकर क्या खुलासा करती है?
