हरियाणा में कार्यरत नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के कर्मचारियों के सेवा नियम लाभ निरस्त नहीं होंगे। सरकार को 24 घंटे में ही अपने फैसले को बदलना पड़ा है। जिससे प्रदेश के करीब 17 हजार एनएचएम कर्मचारियों को राहत मिली है। बुधवार को एनएचएम कर्मचारी सरकार के आदेश की प्रतियां जला ही रहे थे कि इस बीच एक नया लेटर आ गया। जो कर्मी पहले प्रतियां जला रहे थे, कुछ देर बाद वे मिठाई बांटते दिखे।सरकार ने मंगलवार को सेवा नियम लाभों को फ्रीज करने का आदेश दिया था।

एनएचएम कर्मचारियों के बेनिफिट फ्रीज करने का आदेश वापस…

जाने क्या है पूरा मामला… स्वास्थ्य विभाग में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारियों के सेवा नियम को लेकर एनएचएम निदेशक ने सभी सीएमओ को पत्र लिखा था। इसमें इन कर्मियों के सेवा नियमों को फ्रीज करने की जानकारी दी। इस आदेश के बाद कर्मचारियों को ग्रेड पे की बजाय फिक्स वेतन दिया जाना था।आदेश जारी होने के बाद से एनएचएम कर्मी यूनियन ने बुधवार को सरकार के आदेशों की प्रतियां जलाने का ऐलान कर दिया।

इन कर्मचारियों के 2018 में सेवा नियम बनाए गए थे, ताकि उन्हें भी नियमित कर्मचारियों की तरह सुविधाओं के साथ आर्थिक लाभ मिलता रहे। इन आदेशों के साथ एनएचएम अधिकारियों को भेजे गए वित्त विभाग के दो पत्र भी जोड़े गए थे।

कर्मचारियों को तीन श्रेणियों में बांटा हुआ है। श्रेणी-1 में प्रतिमाह 500 रुपए चिकित्सा भत्ता या 5% वार्षिक वेतन वृद्धि के साथ ईएसआई योजना के लाभ का प्रावधान है। श्रेणी-2 में मूल वेतन व महंगाई भत्ता तय किया था। श्रेणी-3 में मूल वेतन, महंगाई भत्ता व मकान किराया भत्ता मिलता है। इनके मूल वेतन में 3% वृद्धि शामिल है। सेवा नियम फ्रीज होने से सिर्फ निर्धारित वेतन ही मिलता। भत्ते नहीं दिए जाते।

भारतीय मजदूर संघ से संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के हिसार जिला अध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि मिशन डायरेक्टर ने सिविल सर्जन को NHM के सेवा नियम लाभ फ्रीज करने के पत्र को वापस लेना का पत्र भेजा है। जिससे कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कर्मचारियों ने सरकार व प्रशासन का धन्यवाद किया और अब काली दिवाली मनाने की घोषणा को वापस लिया है।

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